दुर्घटना में घायल की मौत के बाद महुली थाने में पहुंची ग्रामाीणों और परिजनों की भीड़ । स्रोत - ग
धनघटा। महुली थाना क्षेत्र के महुली सिसवनिया मार्ग पर अजांव और जोकथापुर गांव के बीच गत 24 सितंबर को हुई दुर्घटना में घायल बिजली मिस्त्री की इलाज के दौरान मौत हो गयी। मौत के बाद परिजन और ग्रामीण उसके शव को लेकर थाने पहुंचे। देर शाम तक परिजन केस दर्ज कराने की मांग को लेकर थाने में डटे रहे। वहीं पुलिस भी मौके की नजाकत को देखते हुए केस दर्ज करने में जुट गयी है।
महुली क्षेत्र के घोलवा गांव का धर्मेन्द्र पुत्र राम प्यारे बिजली मिस्त्री था। 24 सितंबर की दोपहर में जैसे ही वह साइकिल से अजांव और जोकथापुर गांव के बीच पहुंचा। इसी दौरान तीव्र गति कार से धर्मेन्द्र को जोरदार ठोकर लग गई।
बीआरडी मेडिकल कालेज में उसका इलाज चल रहा था। रविवार रात को इलाज के दौरान बिजली मिस्त्री धर्मेन्द्र ने दम तोड़ दिया। अस्पताल की सूचना पर गोरखपुर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
सोमवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद एम्बुलेंस से धर्मेन्द्र का शव लेकर ग्रामीण और परिजन शाम 7 बजे सीधे महुली थाने पहुंचे।
भारी संख्या में ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण ढंग से पुलिस से आरोपी कार के चालक व एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कही। आरोप भी लगाया कि दुर्घटना के बाद परिजनों ने नामजद तहरीर दिया था। लेकिन पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं किया था। जिसको लेकर लोगों ने नाराजगी व्यक्त की।मृतक की पत्नी ज्ञानमती देवी ने पुलिस को कार चालक और एक अन्य के खिलाफ नामजद तहरीर दिया है। थानाध्यक्ष रजनीश राय ने बताया कि तहरीर मिली है। केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।