सेमरियावां गांव निवासी फारुक अहमद और उनकी पत्नी खुर्शीदा खातून, बेटी रूखसार फारुक दस वर्ष, जिया फारुक उम्र सात वर्ष, अदनान फारुक उम पांच वर्ष, अरसिया फारुक उम्र तीन वर्ष ,रेहाना फारुक 11 माह और भतीजी नुजहत फातमा उम्र 18 वर्ष बीमार होने से भर्ती कराए गए थे।
परिवार के मुखिया फारुक अहमद ने बताया कि गुरुवार की शाम को घर पर चावल, दाल के साथ मछली भी बनी थी। मछली छोटे बच्चे नहीं खाए थे।
रात दो बजे परिवार के सदस्यों की तबियत बिगड़ी तो आस-पास के लोग अस्पताल ले गए। बताया कि अदनान, जिया फारुक, खुर्शीदा खातून को चार दिन से उल्टी,गले में सूजन तथा सीने में दर्द की शिकायत थी।
अचानक तबियत बिगड़ने से पूरा परिवार सहम गया। खबर पर गांव के तमाम लोग और रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए और पीड़ितों का हाल जाना।
सीएचसी सेमरियावां के चिकित्सकाधीक्षक डॉक्टर रहमान ने बताया कि फारुक समेत उनके परिवार के आठ लोग फूड प्वाइजनिंग और दूषित जल का सेवन करने की वजह से बीमार हो गए।
उपचार के बाद लोगों की तबियत में सुधार आई। आगे बताया कि मौसम में अचानक बदलाव आ गया है लोग खाने- पीने में सावधानी बरते।