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Sant Kabir Nagar News: ईद-उल-अजहा का त्योहार कल, बाजारों में बढ़ी रौनक

Fri, 06 Jun 2025 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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सेमरियावां में ईद पर कपड़े की खरीदारी करतीं महिलाएं
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सेमरियावां। अल्लाह की राह में सब कुछ कुर्बान (त्याग) करने का सबक देने वाला पर्व ईदु-उल अजहा (बकरीद) 7 जून को मनाया जाएगा। इसके लिए ईदगाह की साफ-सफाई, कुर्बानी के जानवरों की खरीदारी, दो रकात वाजिब नमाज, लजीज पकवान बनाने के सामान, प्रशासन की सुरक्षा व्यव्स्था समेत तमाम तैयारियां जोरों पर चल रही है। शनिवार को ईदगाह व जामा मस्जिदों में ईद-उल अजहा की वाजिब दो रकात नमाज के बाद जानवरों की कुर्बानी का दौर शुरू हो जाएगा, जो तीसरे दिन बुधवार तक चलेगा। यह त्योहार हजरत इब्राहीम खलीलुल्लाह की याद में मनाया जाता है।
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बकरीद को लेकर जिले के मुस्लिम इलाकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कुर्बानी के जानवरों की जमकर आवाभगत की जा रही है। इसके अलावा घरों में आने वाले मेहमानों के मद्देनजर व्यवस्थाएं भी तेज कर दी गई है। ईद के मद्देनजर सेमरियावां, बाघनगर, लोहरौली, चिउटना, उसराशहीद, दुधारा, दानोकुइयां आदि चौराहे सहित अन्य इलाके में खरीदारी जोरों पर चल रही है। गर्मी व तेज धूप के बावजूद बकरीद के उत्साह में लबरेज सेमरियावां, बाघनगर, लोहरौली, सालेहपुर, नव्वागांव, चिउटना बाजार में कपड़ा, जूता चप्पल, सेंवई, मेवे की खरीदारी कर रहे हैं, जबकि दूध और खोवा का एडवांस ऑर्डर दिया जा रहा है।
महंगाई त्योहार के उत्साह के आगे बेदम साबित हो रही है। किराना की दुकानों पर सेवई और उसमें डालने वाले ड्राई फ्रूट, तेल, घी, मसाला आदि की खरीदारी के लिए भीड़ लग रही है। कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी भी अधिकांश लोगों ने कर लिया है।
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घरों को नए सिरे से साफ-सफाई करके चमकाया जा रहा है। एक दूसरे के यहां जाकर दावत आदि भी देकर करीबियों, रिश्तेदारों को अपने घर के लिए आमंत्रित किया गया है। करही, सेमरियावां, दानोकुइयां, उसराशहीद, दुधारा, देवरिया नासिर, दरियाबाद, उंचहराकला, बुढ़ाननगर, तिनहरी माफी, अगया, सालेहपुर, टेमारहमत आदि गांवों व बाजारों की जामा मस्जिदों की सफाई व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा ईदगाहों में वाजिब नमाज के लिए वक्त भी ईदगाह कमेटियों की ओर से मुकर्रर कर दिया गया है। कुर्बानी और मौसम के मद्देनजर वाजिब नमाज का समय सुबह 6:30 बजे से लेकर आठ बजे तक का मुकर्रर किया गया है।





प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करें
ईद उल अजहा का त्योहार बहुत अहमियत वाला है। इस मौके पर कोई भी प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी नहीं करें। खुले में कुर्बानी नहीं करने के साथ वेस्टेज को हमेशा कुड़ेदान में ही डालें या दफन कर दें। इसके साथ कुर्बानी की वीडियो सोशल मीडिया पर नहीं डालें। उन्होंने युवाओं से खास सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
-मौलाना रहमतुल्लाह नूर कासमी, सदर ऑल इंडिया तहमफ्फुज मदारिस

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साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें
ईद-उल-अजहा का पर्व के समाज में भाईचारा व सौहार्द बानाने के लिए साफ सफाई का विशेष ध्यान दें। ईदगाह एवं मस्जिदों में ईद-उल अजहा की नमाज वाजिब है। एक रास्ते से जाना और दूसरे रास्ते से वापस आना सुन्नत है। कहा कि कुर्बानी हजरत इब्राहीम अलैह इस्लाम की सुन्नत और अल्लाह का हुक्म है। यह कोई रस्म या परंपरा नहीं है।
-मौलाना फुजैल नदवी, प्रदेश महासचिव आल इंडिया उलेमा बोर्ड
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प्रशासन के निर्देश का पालन करें
इस्लामिक शिक्षण संस्थानों व उलेमाओं की अपील का हर हाल में पालन करें। शासन प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साफ-सफाई का ध्यान दें। कुर्बानी की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड न करें। कुर्बानी का गोश्त तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए। यह प्रथा समाज में एकता, भाईचारे और दान की भावना को बढ़ावा देती है।
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-मौलाना शोएब नदवी, प्रदेश अध्यक्ष आल इंडिया उलेमा बोर्ड
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