सेमरियावां। ईद का पर्व न्याय, समानता एकता और अमन शांति का प्रतीक है। ईद की नमाज अदा करते समय बिना भेदभाव के एक लाइन में अमीर गरीब सब खड़े होते हैं। सब एक साथ एक तरह से नमाज अदा करते हैं।
एडवोकेट मोहम्मद मुकर्रम खान ने बताया कि इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना रमजान का 28 रोजा रोजा मुकम्मल हो गया है। नमाज ईदु-उल-फितर निरंतर प्रत्येक साल माह ए रमजान के पूरे होने पर पूरी दुनिया में अदा की जाती है। कुरान और हदीस की किताबों में ईद की विशेषता एवं महत्व के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। ईद का दिन खाने पीने और खुशी जताने का दिन है। ईद के दिन रोजा रखने से सख्त मना किया गया है। इस्लाम में त्योहार के तौर पर मुसलमानों के दो दिन प्रमुख रूप से निश्चित किए गए हैं। एक ईदु-उल-फितर दूसरी ईदुल अजहा है।