लेखपालों के साथ आख्या तैयार करते हुए तहसीलदार योगेन्द्र पांडेय
संतकबीरनगर। महुली और नाथनगर कस्बे समेत चार ग्राम पंचायतों को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की कवायद तेज हो गई है। नगर विकास मंत्रालय ने इस संबंध में जिला प्रशासन से प्रस्ताव मांगा है।
नगर विकास मंत्रालय को समय सीमा के अंदर प्रस्ताव देने के लिए संबंधित क्षेत्रों के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार व एसडीएम जुटे हुए हैं। शीघ्र ही यह रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। इसके बाद महुली को नगर पंचायत बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
महुली कस्बा संतकबीरनगर की सबसे पुरानी बाजार रही है। अंग्रेजों ने यहां के व्यापारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां पर आजादी से पूर्व 1903 में थाने की स्थापना की थी। कुआनों और कठिनइयां नदियों के बीच स्थित इस बाजार में नाव के जरिए माल आता था और बिकता था। क्षेत्र के लोग यहीं से सामान खरीदकर ले जाते थे। घनी आबादी वाले इस बाजार में आज भी थोक सामानों के सैकड़ों प्रतिष्ठान हैं। यही नहीं इंटर काॅलेज से लेकर डिग्री काॅलेज तक हैं। सघन आबादी वाले इस क्षेत्र की जनसंख्या तकरीबन 10 से 12 हजार है।
इसको लेकर काफी लंबे समय से नगर पंचायत बनाने की मांग की जा रही थी। विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान ने इसको लेकर कवायद शुरू की और नगर विकास मंत्रालय को इस संबंध में पत्रक दिया कि महुली और नाथनगर को मिलाकर एक नई नगर पंचायत का सृजन किया जाय, ताकि यहां पर बुनियादी सुविधाओं का बेहतर तरीके से विकास हो सके। इसके बाद नगर विकास मंत्रालय ने जिला प्रशासन से इसकी रिपोर्ट मांगी है।
इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार योगेन्द्र पांडेय के निर्देशन में देर रात तक लेखपालों के साथ बैठक की गई। सारी जमीनों की नवईयत, वहां पर मौजूद सुविधाओं, सरकारी कार्यालयों, जमीनों के खाते, बचत और बंजर की जमीनों के बारे में जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट नगर विकास मंत्री को भेजी जाएगी। संवाद