सकरैचा ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान हुबराज यादव और ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी धनघटा को प्रार्थना पत्र देकर कोटे के दुकान की जांच का मांग किया था।
ग्रामीणों का आरोप था कि कोटेदार कभी भी बीपीएल का खाद्यान्न वितरण नहीं किया गया। मनमानी तरीके से बीस रुपया लीटर तेल, 16 से 17 रुपया में नमक का वितरण किया जाता रहा है।
अतिरिक्त बीपीएल तथा पत्र गृहस्थी का खाद्यान्न भी वितरण नहीं किया गया। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को नायब तहसीलदार राकेश श्रीवास्तव और कानूनगो गिरजाशंकर तिलठा गांव के प्राथमिक विद्यालय पर ग्रामीणों का बयान लिया गया।
गांव के मुनीराम यादव, गौतम यादव, गंगा, रामकरन यादव, रामदरश यादव, रामअनुज यादव, बजरंगी यादव, कपिलदेव चौधरी आदि ग्रामीणों ने बताया कि कलमबंद बयान दर्ज कराया।
इस दौरान ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार के सामने प्रदर्शन कर कोटे की दुकान निरस्त कर दूसरे को कोटेदार नियुक्त करने की मांग किया।