धनघटा तहसील क्षेत्र के सलाहाबाद और सेमरडाड़ी गांव में क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव प्रचार के दौरान सोमवार को एक पूर्व विधायक और ब्लॉक प्रमुख पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए।
मामला आगे बढ़ता देख गांववालों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। बाद में नायब तहसीलदार ने मय फोर्स मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया।
एक पक्ष ने जहां बूथ पर कब्जा किए जाने की आशंका व्यक्त किए जाने की बात कहकर बूथ बदले जाने की मांग की तो वहीं दूसरे पक्ष ने प्रचार के दौरान वोटरों को गलत तरीके से मोड़ने का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक को गिरफ्तार किए जाने की मांग की।
सलाहाबाद गांव से प्रमुख रामअशीष यादव की पतोहू सीमा देवी बीडीसी का चुनाव लड़ रही हैं। वही से शांति देवी पत्नी पृथ्वीपाल, निशा देवी पत्नी भालचंद, लालमति देवी पत्नी पतिराज चुनाव मैदान में हैं।
पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह प्रशासन से अनुमति लेकर प्रत्याशी निशा पत्नी भालचंद के सर्मथन में सभा करने पहुंचे थे। उसी दौरान प्रमुख पक्ष के लोग भी प्रचार करते हुए पहुंच गए ।
दोनों तरफ से नारे बाजी होने लगी, जिससे गांव में तनाव उत्पन्न हो गया। इसी दौरान किसी से पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के पहुंचने की खबर से दोनों पक्ष भाग निकले।
उसके बाद राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह सेमरडाड़ी में बीडीसी का चुनाव लड़ रहे प्रमोद कुमार के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे। जबकि वहीं से प्रमुख के भाई राम ललित भी बीडीसी का चुनाव लड़ रहे हैं।
पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ जब प्रमोद के पक्ष में वोट मांग रहे थे, तभी राम ललित के पक्ष के लोग भी वोट मांगते हुए वहां पहुंचे और फिर नारेबाजी होने लगी।
इसकी सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार आर के पांडेय मय फोर्स पहुंचकर मामले को शांत कराए। एक पक्ष के सुधा, बाबूलाल, चंद्रभान, महिमा आदि का कहना था कि बूथ जहां है वहां से हटाया जाए नहीं तो प्रमुख पक्ष के लोग बूथ पर कब्जा कर सकते हैं।
जबकि दूसरे पक्ष के प्रभावती, जानकी, लालमती, मंजू, गुजराती आदि का आरोप था कि पूर्व विधायक गलत हथकंडे से वोटरों को रिझाने का प्रयास कर रहे थे। प्रचार के तरीके को चुनाव आचार संहिता का उल्लघंन बता कर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।