मेंहदावल क्षेत्र में बरसात न होने से किसानों के धान की फसल इस तरह से सूख रही है
संतकबीरनगर। इस समय उमस भरी गर्मी पड़ रही है। जिससे लोग बेहाल है। इसकी सबसे ज्यादा मार मजदूर तबके के लोगों पर पड़ रही है। इधर पिछले कई दिनों से बारिश न होने से फसलें सूख रही हैं। किसान सिंचाई के लिए महंगा डीजल खरीदने को मजबूर हैं। फसल को बचाने के लिए हर चौथे दिन खेत में पानी चलाना पड़ रहा है।
रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। जिससे सुबह से ही लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत मजदूर तबके के लोगों को उठानी पड़ रही है। कारण यह है कि गर्मी के बीच उन्हें काम करना पड़ रहा है। शहर में मकान बनाने में मजदूरी करने वाले भगवान दास ने बताया कि परिवार के लिए दो जून की रोटी का इंतजाम करना है, इसलिए इस उमस भरी गर्मी में काम करने की मजबूरी है।
वहीं पल्लेदारी का काम करने वाले बेचन प्रसाद ने बताया कि पीठ पर सामान लादकर दूसरी जगह रखना है। गर्मी काफी ज्यादा है। जिससे पसीने से लथपथ हो जा रहे हैं, लेकिन मजदूरी करने की मजबूरी हैं। दूसरी तरफ पिछले कई दिनों से बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसान प्रदीप कुमार मौर्य, विनोद कुमार आदि ने कहा कि निजी संसाधनों से सिंचाई कर रोपाई की, उम्मीद थी कि बारिश होगी तो उत्पादन अच्छा होगा, लेकिन बारिश न होने से फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। यदि बारिश नहीं हुई तो फसल बचा पाना संभव नहीं होगा। इधर जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग पर भी अब तक सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है।