संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। क्षेत्र में छह से 14 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बच्चे जो किसी विद्यालय में नामांकित नहीं हैं, अथवा नामांकन के उपरांत वे अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण नहीं कर सके हैं, उनका चिह्नीकरण करते हुए नामांकन आयु संगत कक्षा में कराया जाएगा। ड्रॉप ऑउट बच्चों का चिह्नीकरण होने के साथ पंजीकरण, नामांकन, आकलन और ट्रैकिंग किया जाएगा।
बीईओ महेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि चिह्नीकरण की प्रक्रिया में छह से 14 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बच्चे जिनका किसी यू-डायस पोर्टल पर अंकित विद्यालय में नामांकन न होने के साथ नामांकन के बाद विद्यालय में 45 दिनों तक अनुपस्थित रहने वाले बच्चों को भी शासन ने शामिल किया है।
उन्होंने कहा विद्यालय में बच्चों का नामांकन कार्यक्रम शिक्षा का आधारभूत क्रियाकलाप है, जिसके बिना शैक्षिक दायित्वों का निर्वहन नहीं हो सकता है। वास्तव में यह कार्य शैक्षिक सत्र के पूर्व तैयारी किए जाने से संबंधित है।
विद्यालय से सेवित बस्तियों में छह से 14 आयु वर्ष वर्ग के सभी आउट ऑफ स्कूल बच्चों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
विद्यालय में नामांकित सभी आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए उनके अधिगम स्तर के अनुसार विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिह्नीकरण एवं नामांकन के अनुश्रवण हेतु समग्र शिक्षा अभियान द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से पोर्टल को विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि पहला चरण 15 अप्रैल तक चला था। द्वितीय चरण में 21 मई से 15 जुलाई तक दोबारा छूटे बच्चों का चिह्नीकरण, पंजीकरण, नामांकन (विद्यालय में प्रवेश) फिर होगा।