संतकबीरनगर। जनपद में स्कूल वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस व चरित्र प्रमाणपत्र का सत्यापन होगा। स्कूल वाहन से आने जाने वाले छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर विभाग ने यह फैसला लिया है। संभागीय परिवहन कार्यालय के माध्यम से जल्द ही सत्यापन कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
प्राइवेट स्कूलों में स्कूल वाहन से आने-जाने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर दिन प्रतिदिन नियम कड़े किए जा रहे हैं। वाहन को नियमानुसार रखने के साथ ही अब चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ही चरित्र प्रमाणपत्र भी अनिवार्य कर दिया गया है। किसी भी तरह के आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्ति को स्कूल वाहन चालक के रूप में नहीं रखा जाएगा।
इसके लिए पिछले दिनों डीएम के अध्यक्षता वाली सड़क सुरक्षा की बैठक में भी इस तरह का मुद्दा उठा था। अभी तक चालकों को लाइसेंस मिलने पर उनको स्कूल प्रबंध तंत्र रख लेता था। अब स्कूल वाहन चालकों के लिए चरित्र प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसका असर नए शिक्षा सत्र से देखा जा सकेगा। स्कूल वाहन चालकों के चरित्र प्रमाणपत्र के सत्यापन का जिम्मा एआरटीओ को सौंपा गया है। इससे आपराधिक गतिविधि में संलिप्त लोगों को स्कूल वाहन चालक के रूप में सेवा देने पर रोक लगेगी। जिले में 800 से ज्यादा स्कूल वाहन पंजीकृत हैं।
एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने बताया कि स्कूल वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस एवं चरित्र प्रमाणपत्र का सत्यापन किया जाएगा। जिन वाहन चालकों के पास दोनों कागजात नही मिलेंगे उनको स्कूल वाहन चालक के रूप में काम करने से रोक दिया जाएगा।