धनघटा। धनघटा तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई पानी की बड़ी-बड़ी टंकियां बेमतलब साबित हो रही हैं। गर्मी आने से पहले ही यह टंकियां बेपानी हो गई हैं।
ध्वस्त हो चुकी पाइप लाइनें हर घर जल पहुंचाने में नाकाम हैं। स्थिति यह है कि विभिन्न गांवों में बनी यह टंकियां केवल राहगीरों को रास्ता बताने के काम में आ रही हैं। दूर से ही लोग अनजान लोगों को टंकियां दिखाकर गांव का रास्ता बता देते हैं। जल जीवन मिशन के तहत संचालित हर घर नल जल योजना का पानी उतर गया है। विकास खंड हैंसर बाजार के दर्जनों गांव में लगाई गई पानी की टंकी पाइपलाइन की खराबी के कारण टोंटी तक पानी पहुंचाने में विफल है।
ग्राम पंचायत चपरा पूर्वी के प्रधान हरिराम यादव, राम सजीवन, बनारसी, रघुवर, रामदयाल आदि का कहना है कि उनके गांव में वर्ष 2010 में ओवरहेड टैंक का निर्माण किया गया। पाइपलाइन बिछाने के बाद घरों पर टोंटी लगाई गई। लेकिन जब ओवरहेड टैंक का ट्रायल हुआ तो पाइपलाइन जगह-जगह ध्वस्त हो गई।
जिससे टोंटी की जगह सारा पानी रास्ते में ही लीक हो गया। उसके बाद दो बार पाइपलाइन की मरम्मत भी की गई लेकिन पाइपलाइन टोंटी तक पानी पहुंचाने में नाकामयाब है। तभी से ओवरहेड टैंक बंद पड़ा है। मुंडेरा शुक्ल के प्रधान श्रवण कुमार, राम जी, अनिरुद्ध कुमार, लक्ष्मण चौहान, बुधिराम आदि ने बताया कि वर्ष 2008 में पानी की टंकी उनके ग्राम पंचायत लगी। लेकिन एक महीने के बाद पाइपलाइन में खराबी आ गई जिससे सारा पानी रास्ते में ही रहने लगा। तभी से ओवरहेड टैंक बंद पड़ा है।
इसी तरह बभनौली, बालमपुर, डुहिया कला, डुहिया खुर्द, रामपुर उत्तरी, सेमरडाडी, छपरा मगरबी, दौलतपुर आदि गांव में लगाई गई पानी की टंकी पाइपलाइन की खराबी के कारण बंद पड़े हैं।