बघौली ब्लॉक के सिहटीकर गांव में बुधवार को बच्चो में ड्रेस वितरण करने पहुुंचे डीएम उस समय नाराज हो गए जब उन्हें ड्रेस की गुणवत्ता काफी खराब मिली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और गुणवत्ता में सुधार कर लेने की चेतावनी दी। इसी तरह से सीडीओ की जांच में भी ड्रेस की गुणवत्ता खराब मिली है। जिस पर उन्होंने संबंधित विद्यालयों पर ड्रेस वितरण पर रोक लगा दी।
10 और 11 अगस्त को स्कूलों में ड्रेस का वितरण होना था। इसमें पहले ही दिन कई विद्यालयों पर ड्रेस का वितरण नहीं हो पाया। जहां ड्रेस वितरित हुआ वहां कुछ ही बच्चों को ड्रेस दिया गया। यह रिपोर्ट डीसी समेकित शिक्षा की जांच में भी खुला है। बुधवार को जिलाधिकारी डॉक्टर सरोज कुुमार बघौली ब्लॉक के सिहटीकर गांव में ड्रेेस का वितरण करने पहुंचे थे।
डीएम जब ड्रेस का वितरण शुरू करने जा रहे थे तो उन्हें ड्रेस का कपड़ा काफी खराब मिला। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों से बेहतर ड्रेस वितरित करने का निर्देश दिया। डीएम डॉक्टर सरोज कुुमार ने कहा कि ड्रेस की गुणवत्ता अगर खराब मिलेगी तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान बीएसए जगदीश शुक्ल, एबीएसए आर डी प्रसाद, डीपीओ अरुण दुबे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इसी तरह सीडीओ लाल जी यादव ने नाथनगर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सतहरा, धोबखरा और भगवानपुर पूर्वी में ड्रेस वितरण का हाल देखा। यहां ड्रेस की गुणवत्ता काफी खराब मिली। प्रधानाध्यापकों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने तीनों विद्यालयों पर ड्रेस वितरण पर रोक लगा दिया। इसके साथ ही गुणवत्ता पूर्ण ड्रेस वितरित करने का निर्देश दिया।
बेलहर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बढ़या बाबू में 70 छात्रों में ड्रेस का वितरण किया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक केसी सिंह, स्वदेश कुमार, विकास, अर्जुन प्रसाद आदि मौजूद रहे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरिया गंगा में 86 बच्चों में ड्रेस का वितरण किया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक शिव प्रकाश शर्मा, रमेश, दुर्गावती, गिरिजाशंकर, इंदू पांडेय, गीता देवी, प्रभुकला, श्वेता शुक्ला समेत अन्य मौजूद रहे।