संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम भूपेंद्र राय की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति जियाउलहक की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। साथ ही सास सलमा खातून ससुर इस्माइल की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।
थाना पुरंदरपुर मदरहा ककटही जनपद महाराजगंज के जौहर अली पुत्र मोहम्मद इदरीश ने बेलहर कला थो न में 13 सितंबर 2025 को तहरीर दी कि उसने अपनी पुत्री नसीमा खातून का विवाह 7 नवंबर 2023 को जिया उल हक निवासी परासी गनवरिया थाना बेलहर कला के साथ किया था। शादी के बाद से ही नसीमा खातून के पति जिया उल हक, सास सलमा खातून, ससुर इस्माइल, देवर नंदे व दामाद के जरिए चार लाख रुपये की डिमांड की गई। आठ माह पूर्व नसीमा खातून ने बेटी को जन्म दिया। बेटी होने पर उसके ससुराल के लोग उसे और परेशान करने लगे। 11 नवंबर 2025 को उसका पति, सास-ससुर, देवर व ननद ने साजिशकर जहर देकर मारा पीटा। उसकी 12 नवंबर 2025 को मौत हो गई। थाना बेलहर कला में रिपेर्ट दर्ज हुई। आरोपी पति जियाउलहक ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम भूपेंद्र राय की अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। इसी मामले में आरोपी सास सलमा खातून, ससुर मोहम्मद इस्माइल की अग्रिम जमानत शचिका भी निरस्त कर दी।