संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने दहेज हत्यारोपी पति रत्नेश राय की जमानत सुनवाई के बाद निरस्त कर दी। वादी मुकदमा रमेश गुप्ता पुत्र केश्वर गुप्ता कुशीनगर थाना कसया ने थाना महुली में प्रार्थना पत्र दिया कि उनकी लड़की अनामिका गुप्ता ने एक वर्ष पूर्व रत्नेश राय के साथ प्रेम विवाह किया था।
विवाह के कुछ दिन बाद ही उसकी पुत्री से दहेज में 2,00000 नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग आरोपी करने लगा। बेटी के कहने पर उसने एक बार पैसा भी दिया था परंतु आरोपी की शराब की आदत के कारण पैसे न मिलने पर आरोपी ने अनामिका गुप्ता को मारना-पीटना शुरू कर दिया। वह 10 फरवरी 2026 को समय करीब 7:00 बजे संदिग्ध हालात में मृत पाई गई। थाना महुली में रिपोर्ट दर्ज हुई।
आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। अदालत में बहस सुनते समय यह बात सामने आई कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु फांसी के फंदे पर लटकने और श्वास नली के अवरुद्ध होने से उल्लेखित है तथा विवाह के एक वर्ष के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु होने से दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराध से संबंधित पाया गया ।ऐसी स्थिति में आरोपी रत्नेश राय की जमानत प्रार्थना पत्र सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने निरस्त कर दी।