संतकबीरनगर। खलीलाबाद में डॉग शेल्टर होम बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने इसके लिए नगर पालिका को जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। जमीन फाइनल होने के बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा और फिर स्वीकृति मिलने के बाद शेल्टर होम का काम शुरू कराया जाएगा।
आवारा कुत्तों से लोगों की परेशानी को देखते हुए शासन ने शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन इस काम में जुट गया है। एडीएम की ओर से खलीलाबाद नगर पालिका को जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शेल्टर होम में जिले में जिस किसी स्थान पर आवारा कुत्तों से लोगों को परेशानी होगी, उस जगह से कुत्तों को पकड़ कर यहां लाकर रखा जाएगा। यहां उनकी देखभाल की पूरी व्यवस्था होगी।
बता दें कि खलीलाबाद शहर में आवारा कुत्तों से लोग परेशान होते हैं। कई बार यह लोगों को हमला करने के लिए दौड़ा लेते हैं। लोग भागकर किसी तरह खुद को बचाते हैं। नगर पालिका क्षेत्र की आबादी एक लाख से अधिक है। यहां 25 वार्ड हैं। शहर में अभी कुत्तों के हमले से कोई बड़ी घटना सामने तो नहीं आई है, लेकिन मोहल्लों में इनकी हमलावर प्रवृति से लोग भयभीत जरूर रहते हैं।
शहर के मोतीनगर, बंजरिया में दिन-रात कुत्ते घूमते रहते हैं। इनमें कुछ हमलावर भी हैं। राजेश कुमार, सूरज, जयप्रकाश सिंह अनिल, अरुण का कहना है कि कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था होनी चाहिए। कई कुत्ते खूंखार हैं, जिन्हें देखकर लोग डरते हैं। इसी तरह गोला बाजार और डीघा बाईपास इलाके में भी लोग आवारा कुत्तों से परेशान रहते हैं।
आशीष, आशुतोष, महेश, शशिकांत का कहना है कि रात में कुत्तों को देखकर डर लगता है। अभी तक कोई बड़ी घटना तो सामने नहीं आई है लेकिन रास्ते पर जाते समय इन्हें देखकर लोग भयभीत जरूर होते हैं।
डॉग शेल्टर होम बनाने के लिए नगर पालिका को जमीन चिह्नित करने के लिए निर्देश दिया गया है। जमीन चिह्नित होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सत्य प्रकाश, एडीएम, संतकबीरनगर
कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था होनी चाहिए। सड़कों पर इन्हें देखकर लोग डरते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी होती है। शेल्टर होम में कुत्तों को रखे जाने से लोगों को राहत रहेगी। लोग रात के समय भी बिना किसी भय के सड़कों पर आ-जा सकेंगे।
-विक्रांत जायसवाल, गोला बाजार
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खलीलाबाद में शेल्टर होम बनने से कुत्तों की देखभाल हो सकेगी, यहां उनके स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। इससे मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा घरों में जो लोग कुत्तों को पालते हैं उनके लिए भी नियम सख्त होने चाहिए।
-डाॅ. अनुपम पति त्रिपाठी, प्राणि विज्ञान विभाग, एचआरपीजी काॅलेज
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मगहर में आवारा कुत्तों का आतंक, बच्चों पर करते हैं हमला
मगहर। नगर पंचायत मगहर में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। लोगों ने नगर निकाय व जिला प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़वाकर कहीं अन्यत्र जगह छोड़ा जाए, जिससे बच्चे व पालतू जानवर सुरक्षित रह सकें। तकिया बाजार में आवारा कुत्तों को लेकर दो लोगों के बीच विवाद भी हुआ था, जो पुलिस चौकी तक पहुंच गया था।
इस समय नगर पंचायत मगहर के कई मोहल्लों में आवारा कुत्तों का आतंक है। लोग बच्चों को बाहर भेजने कतराते हैं। सूती मिल रोड निवासी मटेलू, शमशेर अली, नईम, हैदर अली आदि का कहना है कि कुत्ते उनके पालतू बकरियों का शिकार कर घायल करने के साथ ही मार भी चुके हैं। यह इतने खूंखार हो चुके हैं कि ये बच्चों के साथ ही बड़ों पर भी हमला करने से चूकते नहीं हैं।
मोहल्ला शेरपुर निवासी ओबैदुन्नबी ने बताया कि शेरपुर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। कुत्ते झुंड में पहुंचकर बच्चों को अकेला देखकर दौड़ा लेते हैं। अभिभावकों को इसके लिए कुत्तों से सावधान रहना पड़ता है।
फखरे आलम सनी ने बताया कि उनके मोहल्ले में भी आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। बकरियों या बच्चों को अकेला पाकर हमला करने से भी नहीं चूकते हैं। काजीपुर के मोहल्ला तेलीटोला निवासी पूर्व सभासद त्रिलोकीनाथ वर्मा ने बताया कि उनके मोहल्ले में भी आवारा कुत्तों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में आशंका बनी रहती है कि कहीं किसी को काट न लें। संवाद
महुली में कुत्तों के झुंड ने एक बालिका की ले ली थी जान
महुली। क्षेत्र में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। आलम यह है कि घर से बाहर निकलने में भी लोगों को डर लगता है। महुली में पिछले महीने एक घर में वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच एक कुत्ता घर में घुस आया और वहां मौजूद मेहमानों पर हमला कर दिया।
इसमें करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। जून में भैंसही उर्फ भैंसवारिया गांव में एक लड़का सुबह शौच के लिए खेत की ओर गया था। तभी अचानक आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उसे दौड़ा लिया। दहशत में वह 17 किलोमीटर दूर बस्ती जनपद के महादेवा चौराहे तक पहुंच गया।
बाद में परिजनों ने महुली पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस की कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद लड़के को सकुशल बरामद किया जा सका। जुलाई में महुलीयहवा गांव की 8 वर्षीय एक मासूम बच्ची बाग में जामुन बीनने के लिए गई थी।
बाग में पहले से मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने अकेली बच्ची को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची को बुरी तरह नोंच डाला और बाद में उसे मृत अवस्था में एक गड्ढे में छोड़कर भाग गए। जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद बाग में उसकी क्षत-विक्षत लाश मिली। संवाद