जिला अस्पताल में बच्चे की जांच करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार-संवाद
- फोटो : सकरन में अवैध कब्जा हटवाती राजस्व टीम।
संतकबीरनगर। मौसम में बदलाव के साथ ही बच्चों में सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में संक्रमण से पीड़ित बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1430 मरीज आए। इनमें 250 बच्चे शामिल हैं। चिकित्सकाें का कहना है कि कई माता-पिता बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से कफ सिरप खरीदकर बच्चों को पिला दे रहे हैं। यह गलत है। बिना चिकित्सक की परामर्श के बच्चों को कफ सिरप न दें।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि सर्दी और बदलते मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से वे जल्दी बीमार पड़ जा रहे हैं। ज्यादातर बच्चे सर्दी-खांसी और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना डॉक्टर की परामर्श के बच्चों को कफ सिरप देना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इससे एलर्जी, पेट की समस्या और गंभीर मामलों में फेफड़ों में सूजन जैसी समस्या हो सकती है। तेज बुखार होने पर यदि डॉक्टर से शीघ्र संपर्क किया जाना संभव न हो, तो सीमित मात्रा में पैरासिटामाल सिरप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को खांसी और सर्दी से बचाव के लिए घरेलू उपाय जैसे शहद, तुलसी की चाय, गर्म पानी और सूप अधिक सुरक्षित हैं। उन्होंने बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड न दें। मौसमी फल और हरी सब्जियां खिलाएं।
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विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह
- बच्चों को कफ सिरप बिना डॉक्टर के सलाह न दें।
- तेज बुखार में केवल सीमित मात्रा में पैरासिटामोल सिरप।
- डॉक्टर से परामर्श लिए बिना कोई दवा न लें।
- रोजाना मौसमी फल और हरी सब्जियां खिलाएं।
- बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें।