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डीएम-एसपी बैंकों का लेते रहे जायजा

Wed, 23 Nov 2016 11:17 PM IST
Sant Kabir Nagar
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बैकों की सुरक्षा का जायजा लेते डीएम और एसपी। - फोटो : अमर उजाला
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नोट बंदी के निर्णय के बाद मांग के अनुरूप जिले को करेंसी न मिलने से हालात बिगड़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं। बैंकों में करेंसी की कमी बुधवार को बैंक कर्मियों और  ग्राहकों ने महसूस की। सबसे अधिक कैश की किल्लत पूर्वांचल बैंकों में रही। डीएम सुरेश कुमार और एसपी विक्रमादित्य सचान ने नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर बैंकों के आस-पास के माहौल का जायजा लिया। वहीं एसपी ने बैंकों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मियों को आगाह किया कि परेशान जनता को किसी तरह की असुविधा पुलिस की तरफ से न होने पाएं।
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शहर में एसबीआई का एक एटीएम तो चालू था ,जबकि दूसरा बंद था। दोपहर बाद एसबीआई का चालू एटीएम भी कैश नहीं होने से जवाब दे गया। एचडीएफसी का एटीएम, एसबीआई कृषि शाखा का एटीएम और एक्सिस का एटीएम ,विकास भवन में एसबीआई का एटीएम चालू रहा। जबकि इन सभी बैकों में लेन- देन भी हुआ। पीएनबी में लेन-देन हुआ,लेकिन उसका एटीएम बंद रहा। एक्सिस बैंक के शाखा प्रबंधक विश्वजीत राय ने बताया कि बैंक में रोजाना करीब 150 लोगों का टांजेक्शन हो रहा है। 
कैश की कोई कमी नहीं है ,जो उपभोक्ता पहुंच रहे हैं, उन्हें भुगतान दिया जा रहा है। इसी तरह एसबीआई के सहायक प्रबंधक पंकज सिंह ने बताया कि प्रतिदिन करीब 500 उपभोक्ताओं का लेनदेन हो रहा है। पीएनबी के शाखा प्रबंधक राजेश पांडेय ने बताया कि बुधवार को सिर्फ 92 लाख 17 हजार रुपये जमा कराए गए। जबकि लोगों को 29 लाख 87 हजार रुपये का भुगतान दिया गया। वैसे अभी बैंक में कैश की कमी नहीं है। 
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डीएम ने बताया कि जिले के लिए 100 करोड़ की डिमांड आरबीआई से की गई है। इस संबंध में तीसरी बार बुधवार को आरबीआई के जीएम और प्रमुख सचिव वित्त, जीएम        स्टेट बैंक आफ इंडिया को पत्र भेजा है। इसके साथ ही फोन पर मुख्य सचिव और डीजीएम स्टेट बैंक से भी वार्ता करके जिले के हालात के बारे में अवगत करा दिया है। यह भी अवगत कराया है कि यदि कैश की कमी से जिले में कोई कठिनाई उत्पन्न होगी तो इसके लिए सीधे तौर पर रिजर्व बैंक और स्टेट बैंक के उच्च स्तरीय अधिकारियों की शिथिलता के कारण ही होगी। राजकीय बीज भंडारों से किसान पुराने नोट देकर बीज खरीद सकते हैे। जबकि खाद के संबंध में शासन से स्पष्ट गाइड लाइन न प्राप्त होने से प्रमुख सचिव कृषि और कृषि उत्पादन आयुक्त को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि इस बारे में भी किसानों के हित में निर्णय कराया जाए।
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