सीएम की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की नवंबर 2016 की प्रगति रिपोर्ट में जिले को 75 वीं रैंक मिली है। जबकि बस्ती को 27 वीं और सिद्धार्थनगर को 19 वी रैंक प्राप्त हुई है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए जहां 12 अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है, वहीं आरईडी के एक्सईएन समेत तीन अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है।
डीएम सुरेश कुमार ने बताया कि मंडल में सभी कार्यक्रमों मेें सामान्य निर्देश तथा कार्य हेतु समान परिस्थितियों उपलब्ध है। जबकि बस्ती और सिद्धार्थनगर जिले की प्रदेश में रैकिंग संतकबीरनगर से काफी बेहतर है। जिन कार्यक्रमों में बी,सी और डी श्रेणी है, उन संबंधित विभागों के अधिकारियों से माह नवंबर में कम प्रगति रिपोर्ट की वजह से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की समीक्षा की गई थी। जिसमें गन्ना एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने उनके कार्यक्रमों में कोई प्रगति न होने के कारण प्रतिकूल प्रवृष्टि दिए जाने के निर्देश दिया गया। इसके साथ ही उप कृषि निदेशक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीएमओ, डीपीओ, बीएसए, एक्सईएन विद्युत, एक्सईएन पीडब्लूडी, डीपीआरओ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक निदेशक वानिकी, एक्सईएल जल निगम, प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान,परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास और उपायुक्त एनआरएलएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने आगे बताया कि समग्र गांवों में आंतरिक गलियों में सीसी रोड एवं केसी ड्रेन के निर्माण में कई माह में संतोषजनक प्रगति नहीं ला पाने की वजह से आरईडी के एक्सईएन अभय शंकर को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने का निर्देश दिया।