संतकबीरनगर। जिले में अभी तक मात्र 44.80 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पर डीएम आलोक कुमार सख्त दिखे। उन्होंने 25 जुलाई तक छूटे हुए लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए उपजिलाधिकारी को अभियान चलाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि गोल्डन कार्ड बनने से किसान को केसीसी, लेवी पर धान-गेहूं बिक्री, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य पालन, उद्योग इत्यादि विभागों की योजनाओं में सीधे लाभ प्राप्त होगा। इस दौरान उप निदेशक कृषि द्वारा बताया गया कि वर्तमान में जनपद अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 278850 के सापेक्ष अब तक 124906 कृषकों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका हैं।
गोल्डन कार्ड बनाए जाने के लिए कृषक का खतौनी में नाम एवं आधार में नाम लगभग समान होना चाहिए।
जिसमें 15 फीसदी से अधिक मैचिंग स्कोर होने पर किसान का गोल्डन कार्ड बनाए जाने के निर्देश हैं। यदि किसान का नाम आदेश कालम में है तो उसे मूल कलम में करवाए जाने की आवश्यकता होगी एवं यदि नाम में अंतर है तो उसे आधार एवं खतौनी के नाम को एक समान करना होगा, अभिलेखों के अनुसार इसकी पुष्टि करनी होगी।
डीएम ने कहा कि इसकी साप्ताहिक समीक्षा होगी तथा सभी की जवाबदेही तय की जाएगी।