संतकबीरनगर। दशहरा के बाद दीपावली पर भी फ्रंट लाइन वर्करों को पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हो सका, जिसके कारण इन वर्करों की दीपावली भी फीकी रही। फ्रंट लाइन वर्कर आर्थिक तंगी से जूझ रही है। जिससे आक्रोश भी बढ़ रहा है।
जिले केे नौ ब्लॉकों में 1957 आशा और 84 आशा संगिनी कार्यरत हैं। इनके भुगतान की व्यवस्था में बदलाव हुआ है। जिसके कारण इन्हें दशहरा व करवा चौथ पर पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हो सका। उम्मीद थी कि दीपावली से पहले भुगतान हो जाएगा, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। स्थिति यह है कि भुगतान न होने से आशा और आशा संगिनी को आर्थिक तंगी के कारण त्याेहार की खुशियां फीकी पड़ गई है।
भुगतान कब तक होगा, इसको लेकर भी संशय बना हुआ है। आशा कार्यकर्ता पार्वती देवी, कंचन आदि ने कहा कि इस समय दस्तक अभियान चल रहा है। जिसमें घर- घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन दीपावली पर पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हुआ। इन लोगों ने कहा कि त्योहारों पर भुगतान न होना काफी पीड़ादायक है। यदि जल्द ही भुगतान नहीं किया गया तो फिर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पडे़गा।
कोट
आशा और आशा संगिनी के भुगतान की व्यवस्था में बदलाव हुआ है। जिले से प्रक्रिया पूरी कर शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि दो से तीन दिन में भुगतान हो जाएगा।
डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ