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Sant Kabir Nagar News: रंगोली, आतिशबाजी और दीपों की रोशनी के बीच मनाई गई दीपावली

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खलीलाबाद बाईपास पर पटाखा छोड़ते हुए लोग । संवाद
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फोटो है
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- शहर से लेकर गांव तक दीपावली के उत्साह में डूबे रहे लोग, जमकर की आतिशबाजी
- दीपों से सजाया घर, खेत, खलिहान, प्रतिष्ठान, देर रात तक चलता रहा दीपावली का जश्न
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। रंगोली, आतिशबाजी और दीपों की रोशनी के बीच दीपावली का त्योहार मनाया गया। लोगों दीपों से अपने घर, खेत, खलिहान और प्रतिष्ठान भी सजाए। उत्साह में डूबे लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। देर रात तक दीपावली का यह जश्न चलता रहा और लोग एक दूसरे को दीपावली की बधाइयां देते रहे।
दीपों के महापर्व दीपावली के अवसर पर लोगों में काफी उत्साह का माहाैल देखा गया। पिछले कई दिनों से लोग दीपावली की तैयारियों में जुटे हुए थे। शाम ढलते ही लोगों ने नियम के अनुसार अपने घरों में दीपक जलाए तथा पूरे उत्साह के साथ मां लक्ष्मी की पूजा की। दीप जलाने के बाद उन दीपों को घरों के विभिन्न स्थानों पर सजाया। दीपों की लड़ियों को काफी करीने से अपने घर की मुंडेर पर सजाने के साथ ही साथ देव स्थानों पर जाकर भी दीपों को रखा तथा उनका आशीर्वाद लिया।
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वहीं बच्चों और बड़ों ने भी आतिशबाजी का लुत्फ उठाया। जिले के बघौली, बखिरा, नन्दौर, मेंहदावल, सेमरियांवा, कांटे, लोहरौली, दुधारा, लोहरसन, सांथा, धर्मसिंहवा, महुली, नाथनगर, हरिहरपुर, मुखलिसपुर, कालीजगदीशपुर, तामेश्वरनाथ, नौरंगिया, हैंसर बाजार, मनियरा, पौली, रोशया बाजार, कुशहवा, डेबरी, मगहर, तिघरा समेत अन्य स्थानों पर दीपावली पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया।

बच्चों ने जमकर खरीदे पटाखे, जलाई फुल झड़ियां
दीपावली के पर्व को लेकर बच्चों में काफी उत्साह का माहौल देखा गया। स्थिति यह रही कि पटाखों की खरीदारी बच्चे देर शाम तक करते रहे। यही नहीं फुल झड़ियां भी जलाते रहे। पटाखा बाजार में काफी उत्साह का माहौल देखा गया। पटाखों का बाजार देर शाम तक चलता रहा। बच्चों के साथ बड़ों ने भी पटाखों का जमकर आनंद लिया।

गांवों में देवस्थानों पर जाकर लोगों ने चढ़ाए दीये
परंपरा के अनुसार गांवों में देव स्थानों पर जाकर लोगों ने मां काली, भैरव बाबा, ब्रह्म स्थान और अन्य शिवालयों में दीपक जलाए। महाभारत कालीन तामेश्वरनाथ, कोपिया, मां समय जी स्थान, भंगेश्वरनाथ मंदिर के साथ ही अन्य मंदिरों में भी लोगों ने जाकर दीपक जलाए। गांवों में देव स्थानों पर दीपक रखे जाने की परंपरा काफी पुरानी है। इसका लोगों ने अनुशरण किया।
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घरों के दरवाजे पर बनाई रंगोली, जलाए दीपक
महिलाओं और बच्चियों ने घरों के दरवाजे पर सुंदर रंगोली बनाई। इन रंगोलियों पर लोगों ने दीपक भी जलाए। कई तरह की सुंदर रंगोली घरों के सामने बनाई। यही नहीं दीपों को भी इन रंगोली पर सजाया गया। रंगोली बनाने को लेकर लोगों में एक प्रतियोगिता का माहौल दिखाई दे रहा था कि किसकी रंगोली अच्छी है।
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एक दूसरे को बांटे दीपावली के प्रसाद
दीपावली के दौरान लोगों ने पूजा के बाद लाई, गट्टा, लावा और चीनी से बनी मिठाइयों का प्रसाद बनाया। यह प्रसाद लोगों ने एक दूसरे को बांटकर दीपावली की खुशियों को बांटने का काम किया। रात में ही यह प्रसाद सभी लोगों में वितरित किए गए तथा एक दूसरे के घरों पर भी इन प्रसाद का आदान प्रदान किया।
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