परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में वितरित होने वाले ड्रेस की गुणवत्ता अगर खराब मिलेगी तो संबंधित विद्यालय के हेडमास्टर पर केस दर्ज कराया जाएगा। इसके साथ ही टीम से ड्रेस वितरण का सत्यापन कराया जाएगा। ड्रेस वितरण का शुभारंभ 10 अगस्त को सिहटीकर गांव में जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा।
बीएसए जगदीश शुक्ल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि परिषदीय स्कूलों के बच्चों में 10 और 11 अगस्त को एक साथ ड्रेस वितरण होना है। ड्रेस वितरण के लिए राजस्व के साथ ही अन्य अधिकारी लगाए गए है। ड्रेस वितरण के समय ही उसका सत्यापन होगा। एक गोपनीय टीम भी गठित हुई है। जो कभी भी किसी भी विद्यालय पर पहुंच कर ड्रेस की गुणवता की जांच करेगी। उन्होंने बताया कि ड्रेस की खरीदारी विद्यालय प्रबंध समिति और हेडमास्टर की देखरेख में होना है।
अगर ड्रेस की गुणवत्ता में कमी मिलती है तो इसके जिम्मेदार हेडमास्टर होंगे। संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी उक्त हेडमास्टर के विरुद्ध थाने में केस दर्ज कराएंगे। केस दर्ज होते ही हेडमास्टर को निलंबित कर दिया जाएगा। समस्त हेडमास्टर को हिदायत दी जाती है कि ड्रेस की गुणवत्ता बेहतर होने पर ही खरीदारी करें। इसमें किसी प्रकार की कोताही न बरतें। प्रति छात्र दो सेट ड्रेस का वितरण होगा।