संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के उस्का में जिला ग्राम्य विकास संस्थान का निर्माण होगा। जिसके लिए जमीन चिन्हितकर ही गई है। यहां पर ग्रामीण विकास तथा स्वरोजगार क्षेत्र में तैनात अधिकारियों तथा लाभार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण विकास क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक छात्रों के लिए स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का भी संचालन होगा।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र के विकास को लेकर लोगों को विकास भवन या कलक्ट्रेट का चक्कर लगाना पड़ता था। इसके साथ ही योजनाओं की जानकारी लोगों को नहीं मिल पा रही थी। यहीं नहीं ग्रामीण स्वरोजगार, ग्रामीण विकास क्षेत्र में कार्य करने के लिए पठन पाठन की व्यवस्था अभी तक जिले में नहीं थी। डीएम ने इसकी पहल राज्य ग्राम्य विकास संस्थान से की। राज्य ग्राम्य विकास संस्थान ने इसके लिए जमीन मांगी थी। जिसके बाद जमीन की तलाश शहर में हुई।
खलीलाबाद के उस्का में वनदेवी मंदिर के सामने सरकारी जमीन मिली। जिस पर जिला ग्राम्य विकास संस्थान खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया। इसके बाद जमीन का चिन्हाकंन किया गया। डीएम ने जमीन का चिन्हाकंन होने के बाद प्रस्ताव तैयार कर उसे राज्य ग्राम्य विकास संस्था को भेज दिया है। उम्मीद जताई जा रही है मार्च माह के पहले सप्ताह में इसकी स्वीकृति मिल जाएगी।
ग्राम्य विकास संस्थान में क्या कार्य होते हैं
ग्रामीण विकास में कृषि उत्पादन बढ़ाने, नए रोजगार सृजित करने, स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार, संचार का विस्तार करने और आवास में सुधार करने के लिए परियोजनाओं सहित गतिविधियों का संचालन होता है। इसके साथ ही भोजन, आश्रय, कपड़ा, शिक्षा और रोजगार के माध्यम से ग्रामीण आबादी के बीच आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। शहरी क्षेत्रों में समान अनुपात में उचित अवसर देना है।
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जिला ग्राम्य विकास संस्थान की स्थापना के लिए जमीन मांगी गई थी। जिसे उस्का के पास उपलब्ध करा दिया गया है। इसके बनने से लोगों को काफी सहुलियत होगी और योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी।
-महेंद्र सिंह तंवर, डीएम