नगुआ गांव के कुछ ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में स्थित पोखरे के निर्माण में भारी अनियमितता की गई है। गांव के ही ठेकेदार द्वारा रूपया निकाल लिया गया।
जबकि मौके पर कार्य के नाम पर खाना पूर्ति कर दी गई है। जांच के दौरान जिला पंचायत विभाग के अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पोखरे का इस्टीमेट मात्र चार लाख पचास हजार ही है। इसमें से मात्र दो लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है।
वह भी मनरेगा के मजदूरों के खाते में हुआ है। जांच अधिकारियों द्वारा पोखरे में कार्य होने की जानकारी ग्रामीणों व रोजगार सेवक से लिया गया। दो एक को छोड़कर ज्यादातर ग्रामीणों ने कार्य कराये जाने की पुष्टि किया।
ग्रामीणों ने बताया कि कई दिन पोखरे में उगे झाड़ झंखाड़ काटे गए थे। जांच के उपरांत प्रशिक्षु एसडीएम व प्रभारी बीडीओ नाथनगर प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने जिला पंचायत विभाग के अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार सिंह को निर्देशित किया कि जब तक कार्य पूर्ण नहीं हो जाता है।
तब तक ठेकेदार का शेष भुगतान न किया जाएं। इस अवसर ग्राम पंचायत अधिकारी शतीष मौर्य, कन्हैया लाल तिवारी, राजेन्द्र तिवारी आदि मौजूद रहे।