जिला पंचायत कर्मियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी को झंडारोहण के बाद जब कार्यालय में बैठे थे, तभी एक नेता आए और बस्ती जिले के एक विधायक के नाम अदेयता प्रमाण पत्र मांगा। आरोप लगाया कि औपचारिकता पूर्ण कराने की बात कहने पर नेता ने कर्मचारी जुगुन लाल के साथ न सिर्फ अभद्रता की बल्कि जबरन प्रमाण पत्र भी बनवा ले गए। इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने डीएम व एसपी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
जिला पंचायत कर्मी शुक्रवार को दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। कर्मचारी जुगुन लाल ने बताया कि वह झंडारोहण के बाद राजेश कुमार यादव के साथ कार्यालय में बैठे थे, सायं चार बजे आए और एक विधायक के नाम अदेयता प्रमाण पत्र मांगने लगे। यह कहने पर कि आवेदन दे दीजिए औपचारिकता पूर्ण कराकर दूसरे दिन प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा, लेकिन वह आग बबूला हो गए और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जबरन आलमारी खोलवाकर अदेयता प्रमाण पत्र बनवाकर चले गए। कर्मचारियों ने कहा कि इस घटना से कर्मचारियों में भय का वातावरण है। मांग किया इस मामले में दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान प्रणव पांडेय, चंद्र प्रकाश, आशुतोष पाल, राम प्रकाश तिवारी, जनार्दन प्रसाद, दूबर नाथ, राजेश यादव, कालीचरण, हेमंत तिवारी, अजय कुमार तिवारी, दिनेश मिश्र, वीरेंद्र कुमार, मदन लाल, दीनानाथ, आशुतोष शुक्ला आदि लोग उपस्थित रहे।