सेमरियावां। कहने के लिए सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन अस्पतालों में इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सुविधाएं हांफ रही हैं। सेमरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विभाग की ओर से भेजी गई डिजिटल एक्स-रे मशीन एक कोने में रखी धूल फांकते देखकर इसका अंदाजा भी लगाया जा सकता है। मरीजों को मजबूरन एक्स-रे कराने के लिए बाहर खुले पैथोलॉजी सेंटर या फिर जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।
30 शैय्या वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां पर इलाज के लिए जनपद के सेमरियावां ब्लॉक के साथ ही आंशिक रूप से बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली ब्लाक के गांवों के लोग आते हैं। इस अस्पताल पर पांच लाख से अधिक जनसंख्या इलाज के लिए आश्रित हैं। प्रतिदिन 500-600 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
सेमरियावां सीएचसी में नौ डाॅक्टर के साथ ही दो एलटी, एक एलए, तीन वार्ड बॉय, तीन फाॅर्मासिस्ट और 48 एएनएम, चार स्टाफ नर्स और 280 आशा की तैनाती है। एक बाल रोग विशेषज्ञ व महिला रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। लोगों के काफी मांग के बाद करीब दो माह पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां को डिजिटल एक्स-रे मशीन उपलब्ध करा दी गई। विभाग की ओर से पहले से ही टेक्नीशियन की भी तैनाती कर दी गई है। इसके बावजूद एक्स-रे मशीन के संचालन नहीं कराया जा रहा है।
इरशाद अहमद, वसीम खान, दयाराम, इजहार अहमद आदि ने बताया कि इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों को मजबूरन एक्स-रे कराने के लिए बाहर खुले पैथोलॉजी सेंटर या फिर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं वर्तमान समय में हांफ रही हैंं। इसके प्रति विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
टेक्नीशियन की नियुक्ति एक्स-रे मशीन आने के पहले से कर दी गई है। लखनऊ से टीम आकर मशीन को इंस्टाल करेगी। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही अस्पताल में एक्स-रे मशीन की सुविधा मरीजों के लिए चालू कर दी जाए।
डाॅ. सुरेश चंद्र अधीक्षक , सीएचसी सेमरियावां