धनघटा। हैंसर ब्लाॅक क्षेत्र में स्थित डुहिया जैसे बड़े ताल में एक नहीं पांच पोखरे की खोदाई कर मनरेगा के पैसे का दुरुपयोग किए जाने के मामले में डीएम ने नायब तहसीलदार को जांच करने का निर्देश दिया है। वहीं जिलाधिकारी आलोक कुमार बृहस्पतिवार को रामपुर दक्षिणी गांव में चौपाल लगाकर जन समस्याओं से रूबरू हुए। हैंसर ब्लाॅक क्षेत्र में बृहस्पतिवार को विकास कार्यों व जनता की समस्याओं को सुनने के लिए डीएम ने रामपुर दक्षिणी गांव में चौपाल लगाई। यहां अनेक ग्रामीणों ने बताया कि यहां चल रही चकबंदी प्रक्रिया धन उगाही का शिकार बनकर रह गई है। गरीब काश्तकारों का शोषण किया जा रहा है। अनेक ग्रामीणों ने गांव में अन्य समस्यात्मक मुद्दों को उठाया। डीएम ने ग्रामीणों को आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
डीएम ने ग्राम पंचायत हकीमपुर में मनरेगा के तहत कराए गए पोखरा निर्माण को देखा। जांच में पोखरे की नाप-जोख की गई। जिसमें मानक के हिसाब से कार्य नहीं कराया पाया गया। पोखरे की चौड़ाई व ऊंचाई कम पाई गई। वहां मौजूद बीडीओ व अन्य कर्मियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शिकायत पर डीएम ने डुहिया कला गांव स्थित ताल में बनाए जा रहे पांच पोखरे के निर्माण कार्यों की तत्काल जांच करने के लिए नायब तहसीलदार को निर्देशित किया।
डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पोखरे की खुदाई में 200 मजदूरों का मस्टररोल चल रहा था। जबकि मौके पर एक भी मजदूर नही देखे गए।