क्षेत्र पंचायत की बैठक के लिए प्रमुख ने ब्लॉक मुख्यालय पर दिया धरना
- प्रमुख का आरोप है 15 माह में न बैठक हुई और न ही क्षेत्र के विकास कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। क्षेत्र पंचायत की बैठक कराने और ठप पड़े विकास कार्य को शुरू कराने की मांग को लेकर ब्लॉक प्रमुख सेमरियावां ने बीडीसी सदस्यों और अपने समर्थकों के साथ ब्लॉक गेट पर सोमवार को पहुंची। समर्थकों ने ब्लॉक गेट में ताला बंद कर दिया। उसके बाद प्रमुख के साथ लोग धरने पर बैठ गए।
बलॉक प्रमुख मजहरुन्निशा ने कहा कि उन्हें प्रमुख बने 15 माह से अधिक समय बीत गया, लेकिन सत्ता पक्ष के दबाव में क्षेत्र पंचायत की बैठक संपन्न नहीं होने दिया गया। कभी कोरम का अभाव बताकर तो कभी जानबूझ कर बीडीओ बीमारी का बहना बना लिए।
सेमरियावां जिले का सबसे बड़ा ब्लॉक है, लेकिन इस ब्लॉक क्षेत्र में न तो विकास की कार्य योजना बनने दी जा रही है और न ही बैठक होने दी जा रही है। विकास कार्य पूरी तरह ठप है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों के हक को लेकर लड़ाई लड़ने की जरूरत आ गई। उसी वजह से क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ धरना प्रदर्शन शुरू किया गया।
धरने पर बैठे क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बीडीओ पर मनमानी का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि बीडीओ ने प्रमुख के बेटे एवं पूर्व प्रमुख मुमताज अहमद पर लूट का झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। झूठे मुकदमे को वापस लिया जाए।
बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी ने कहा कि धरना प्रदर्शन की कोई सूचना नहीं है और ब्लॉक प्रमुख द्वारा इस संबंध में कोई ज्ञापन भी नहीं दी दिया गया है।
डीडीओ और एसडीएम ने समाप्त कराया धरना
धरने की सूचना पर पहुंचे जिला विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद, एसडीएम अजय कुमार त्रिपाठी एवं सीओ अंशुमान मिश्र ने ज्ञापन देकर धरना समाप्त करने की बात की, लेकिन धरनारत लोगों ने पूर्व प्रमुख के विरूद्ध दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग की गई। एसडीएम अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि धरनारत लोगों की बातों को सुना गया है। बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल जिले पर बुलाया गया है, जहां उच्चाधिकारियों से वार्ता कर निर्णय लिया जाएगा।