गंभीर रुप से बीमार गर्भवती के लिए खुलेगी हाई डिपेंडेंसी यूनिट
- एमसीएच विंग में स्थापित होगा आठ बेड का एचडीयू, 10 लाख रुपये अवमुक्त
- इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, गर्भवती को मिलेगी बेहतर चिकित्सकीय सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गंभीर रूप से बीमार गर्भवती के इलाज के लिए अब जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उनके लिए हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए शासन ने 10 लाख रुपये स्वीकृत भी कर दिए हैं।
मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। इसके पीछे की मंशा यह है कि महिलाओं को इलाज के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
सीएमओ डॉ. अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से गंभीर गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। कभी-कभी यहां पर भी सुविधाओं के अभाव में समस्या हो जाती है। ऐसे में गर्भवती की स्थिति बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ता था। इस स्थिति को देखते हुए मातृ मृत्युदर को कम करने के लिए यहां पर हाई डिपेंडेंसी यूनिट खोलने के लिए शासन ने 10 लाख रुपये अवमुक्त किए है। इस यूनिट की स्थापना लेबर रुम वाले फ्लोर पर ही की जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रसवोपरानंत महिला को उसमें रखा जा सके।
क्या होती है हाई डिपेंडेंसी यूनिट
हाई डिपेंडेंसी यूनिट में मरीज के आते ही तुरंत इलाज शुरू हो जाता है। मरीज को जरूरत पड़ने पर बेड पर ही सारी सुविधाएं मिलेंगी। उसके परिजनों को अन्य विभागों तक जाना नहीं पड़ेगा। हर बेड पर मॉनिटर और बाई पेप मशीन होगी। इस यूनिट में सेंट्रल मॉनीटर सिस्टम लगा होता है। यह सभी बेड पर लगे मॉनीटरों को कनेक्ट करेगा। इसका एक सेटअप इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के पास होगा। इससे मरीज के इलाज पर हर समय नजर रहेगी।
एमसीएच विंग में ( एचडीयू ) हाई डिपेंडेंसी यूनिट की स्थापना के लिए स्थान चयनित करके वहां पर इसे स्थापित किया जाएगा। यह गर्भवती की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे महिलाओं के इलाज में काफी सुविधा होगी।
- डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस