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अंतिम संस्कार: विधायक कभी 'सारथी', तो बेटा बन निभा रहे जिम्मेदारी- अब 'बेसहारा' का खुद किया दाह संस्कार

Thu, 21 Nov 2024 12:45 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर

सार

निधन की सूचना सुनते ही विधायक मृतक के घर पहुंचे और उनकी अर्थी को घर से कंधा देकर घाट तक लेकर आए। फिर खुद ही अंतिम संस्कार भी किया। विधायक ने एक बेटे के धर्म निभाते हुए मृतक लालचंद बेलदार का दाह संस्कार करने के साथ ही अंतिम क्रिया कलाप को करते हुए धर्म पूर्वक कर्तव्य निभाया।
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अर्थी को कंधा देकर घाट तक विधायक लेकर आए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कहते है जब अपना कोई नहीं होता है तो आस पास के लोग काम आते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण धनघटा विधायक ने प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपने क्षेत्र के एक मृतक के शव का अंतिम संस्कार किया और सभी धर्म निभाया। धनघटा के विधायक गणेश चंद्र चौहान ने कर्तव्य और धर्म का समावेश प्रस्तुत किया है।

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काली जगदीशपुर निवासी लालचंद बेलदार जिनका बुधवार को देहावसान हो गया था। लालचंद के आगे पीछे रोने धोने व दाह संस्कार करने वाला कोई नहीं था। इसकी जानकारी क्षेत्र के लोगों ने विधायक को दी। उन्होंने जैसे सुना कि अगले के परिवार में उसका कोई सहारा नहीं है।

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दो दिन पहले अपने ड्राइवर की शादी में उसकी गाड़ी के ड्राइवर बने विधायक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वो खुद मृतक के बेटे की भूमिका निभाने के लिए तैयार हो गए। मृतक की अर्थी को घर से कंधा देकर घाट तक लेकर आए और फिर खुद ही अंतिम संस्कार भी किया। विधायक ने एक बेटे के धर्म निभाते हुए मृतक लालचंद बेलदार का दाह संस्कार करने के साथ ही अंतिम क्रिया कलाप को करते हुए धर्म पूर्वक कर्तव्य निभाया।


ऐसे ही एक दिन पहले अपने ड्राइवर की शादी में खुद उसकी गाड़ी के ड्राइवर बन बारातियों संग बारात लेकर ड्राइवर के ससुराल पहुंचे थे। इस दौरान ड्राइवर के रुप में लोगों ने विधायक को देखकर उनकी खूब तारीफ की थी। अब बेटा बन क्षेत्र के एक बेसहारा मृतक के शव को खुद दाह संस्कार करने से भी क्षेत्र में विधायक की खूब चर्चा हो रही है।
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