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कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने सरयू में लगाई डुबकी

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संतकबीरनगर। सरयू नदी के बिरहर घाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : KHALILABAD
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कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने सरयू में लगाई डुबकी
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धनघटा (संतकबीरनगर)। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को सरयू नदी में स्नान के लिए घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह चार बजे से शाम तक लोग स्नान करते रहे। इस मौके पर नदी के किनारे अन्नदान, गोदान कर लोग सत्यनारायण कथा का श्रवण किया। नदी में तट पर लगे मेले में बच्चे और महिलाओं ने खरीदारी की। सुरक्षा का व्यापक प्रबंध थे।
कार्तिक पूर्णिमा या अन्य पर्वों पर सरयू नदी में स्नान करने श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंगलवार को नदी के बिड़हर, रामबाग, चाड़ीपुर, चहोड़ा, मयंदी घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से शाम तक हर-हर गंगे के जयघोष के साथ लोग नदी के पवित्र जल में गोता लगाते रहे। बिड़हर घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने धनघटा से आगे उमरिया मार्ग पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया था। मेले में काफी भीड़ होने के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया था। स्नान के बाद श्रद्धालु नदी के किनारे कथा का श्रवण गोदान कर पुण्य अर्जित किया। महिलाएं कड़ाही चढ़ाकर मां गंगा से मंगल कामना की। पं. गंगा प्रसाद शास्त्री ने बताया कि सृष्टि के आरंभ से ही कार्तिक पूर्णिमा बड़ी ही खास रही है। पंचाग के अनुसार साल का आठवां महीना कार्तिक महीना होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा कार्तिक पूर्णिमा कहलाती है। पुराणों में यह दिन स्नान, दान, व्रत और तप के दृष्ट से मोक्ष प्रदान करने वाला बताया गया है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा का व्रत महत्व पूर्ण होता है। प्रत्येक वर्ष 12 पूर्णिमा होती है। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक असुर का अंत किया था और वह त्रिपुरारी के रूप में पूजित हुए। इस पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा की संज्ञा इसलिए दी गई है। बिड़हर घाट पर लगे मेले में सुरक्षा के लिए एसओ रणधीर मिश्र तो अपनी टीम के साथ लगे थे। एएसपी असित श्रीवास्तव, सीओ, एसडीएम प्रमोद कुमार भी मेले की निगरानी कर रहे थे।
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स्नान कर राम जानकी मंदिर में चढ़ाया प्रसाद
बेलहर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आमी नदी के राजघाट पर श्रद्घालुओं ने मंगलवार को आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर यहां मेले का आयोजन हुआ।
बेलहर ब्लॉक के नंदौर-रूधौली मार्ग स्थित आमी नदी के राजघाट पर सुबह से ही स्नान शुरू हो गया। स्नान के बाद लोगों ने राम जानकी मंदिर में प्रसाद चढ़ाया। कार्तिक पूर्णिमा पर लगे मेले में सर्कस, संगीत के साथ लोगों ने झूला व मौत का कुआं का आनंद लिया। एसडीएम प्रेम प्रकाश अंजोर, सीओ जीडी मिश्र, प्रभारी एसओ बेलहर धर्मेंद्र कुमार सिंह, राजाराम गुप्ता, अभिषेक सिंह, श्याम कन्हैया दूबे, योगेंद्र यादव आदि मेले में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में जुटे रहे।
देव दीपावली पर जगमगा उठा कुबेरनाथ
इस दिन पृथ्वी पर होता है देवों का वास
रोसया बाजार। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को देर शाम पौली क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिर बाबा कुबेरनाथ शिवशक्ति धाम में बाबा कुबेरनाथ सेवक मंडल की ओर से देव दीपावली का आयोजन किया गया। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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खलीलाबाद गायत्री शक्तिपीठ से आए आचार्य पं. कौशलेश पांडेय ने गुरु और गायत्री वंदना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। देव दीपावली के महत्व को बताते हुए कहा कि मान्यताओं के अनुसार इस दिन शंकर भगवान ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था। इसी खुशी में देवताओं ने इस दिन स्वर्ग लोक में दीपक जलाकर दीपावली मनाया था। इसके बाद से हर साल इस दिन को देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूजा का विशेष महत्व होता है। इस त्योहार को लेकर यह भी मान्यता है कि इस दिन देवता पृथ्वी पर आते हैं। इस वजह से कार्तिक माह पवित्र माह माना जाता है। इस दौरान डॉ. गिरीश चंद, माया देवी, रामफेर विश्वकर्मा, सुबाष अग्रहरि, नरसिंह, रामयज्ञ यादव, ग्रीसचंद, गुड्डू, उत्तम, शिवकुमार, लल्लन यादव, धर्मबीर आदि मौजूद रहे।
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