धनघटा के सरयू नदी में स्नान करते श्रद्धालु
धनघटा। माघ पूर्णिमा पर बुधवार की भोर में मां सरयू के पवित्र घाटो पर श्रद्धालुओं ने स्नान-दान कर सुख समृद्धि कि कामना किया। बुधवार को भोर से ही मां सरयू के बिडहर, चहोडे, मयन्दी, रामबाग घाटों पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। श्रद्धालुओं ने स्नान कर दान किया।
महिलाओं ने मां सरयू को कड़ाही चढ़ाई और सत्यनारायण की कथा सुनी। जो श्रद्धालु स्नान करने नहीं जा सके वह घर पर ही स्नान कर क्षेत्र के मंदिरों में पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बाबा कंकणेश्वर नाथ मंदिर पौली परिसर में श्रद्धालुओं को आचार्य पंडित कृपाशंकर पांडेय ने माघ पूर्णिमा के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के पंचांग के अनुसार हर माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि का महत्व होता है। हिंदू धर्म में माघ महीने की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है।
आज के दिन महाप्रलय में सप्तऋषियों समेत मनु और सतरूपा जी को बचाने के लिए भगवान मत्यस्य रूप में अवतार लिया था। इसलिए इस तिथि पर अपने नजदीक पवित्र नदियों में स्नान-दान के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में संपन्नता, सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।