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Sant Kabir Nagar News: कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने सरयू में लगाई आस्था की डुबकी

Fri, 15 Nov 2024 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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धनघटा। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने के लिए शुक्रवार को सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यहां स्नान, ध्यान करने के बाद श्रद्धालुओं ने दान देकर पुण्य अर्जित किया। बिड़हर घाट पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी। सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों से श्रद्धालुओं को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने के लिए बृहस्पतिवार की शाम से ही श्रद्धालु घाटों पर पहुंचने लगे। भोर होते ही श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयघोष के साथ बिड़हर घाट, मैंदी, चहोड़ा, चांदीपुर, रामबाग आदि घाटों पर डुबकी लगानी शुरू कर दी। स्नान का क्रम दोपहर तक चलता रहा। सर्वाधिक भीड़ बिड़हर घाट पर रही। जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्नान के बाद लाेगों दान पुण्य किया। साथ ही घाट पर मेले का भी आयोजन हुआ, जहां लोगों ने खरीदारी की ।
मेले में तरह-तरह के सामानों की बिक्री हो रही थी। पुलिस के मुताबिक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। रोसयाबाजार प्रतिनिधि के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार को राम जानकी मार्ग के दक्षिण सरयू के पावन तट मैंदी घाट पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं द्वारा स्नान दान कर सुखी जीवन की कामना की। महिलाओं द्वारा मां सरयू को कड़ाही चढ़ाई गई। आस्थावान लोगों ने वैदिक मंत्रों के बीच गऊ दान भी किया। पूर्णिमा के महत्व को बताते हुए आचार्य विजय पाण्डेय ने कहा कि हिंदू धर्म में पूर्णिमा पर्व पर स्नान, दान का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है।
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इस दिन पवित्र जलाशयों में स्नान दान करके पूरे दिन व्रत रखने से मानव की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। बताया कि कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुर पूर्णिमा भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक महाभयानक असुर का अंत किया था। इसी दिन भगवान विष्णु ने प्रलय काल में वेदों व धर्म की रक्षा के लिए तथा सृष्टि को बचाने के लिए मत्स्य अवतार धारण किया था।
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