भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की हालत बिगड़ी।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
कुआनो नदी के बनकटा घाट पर पक्का पुल बनवाए जाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे विन्ध्याचल आजाद की तबियत बिगड़ती जा रही है। शनिवार को उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंची डॉक्टरों की टीम ने कहा कि मानसिक दबाव के कारण उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा रहा है। इससे खतरा हो सकता है।
बनकटा घाट पर पक्का पुल का निर्माण किए जाने की मांग को लेकर संतकबीरनगर और गोरखपुर जिले की जनता सोमवार से आंदोलित है। आंदोलन का नेतृत्व कर्ता विन्ध्याचल आजाद बुधवार से अन्न का त्याग करके नींबू पानी के सहारे रह नदी में मचान डाल कर बैठे है। आजाद का कहना है कि जब तक पुल के निर्माण की घोषणा नही हो जाती है तब तक अन्न ग्रहण नही करेगें। शुक्रवार को उनकी तबियत जब बिगड़नी शुरू हुई तो शनिवार को सीएचसी मलौली से डॉक्टर आरबी गौड़ और गोरखपुर जिले के खजनी पीएचसी से डॉक्टर त्रिवेणी द्विवेदी, डॉक्टर अमर सिंह पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच करने के बाद कहा कि मानसिक तनाव के कारण विन्ध्याचल आजाद का ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है।
इससे खतरा हो सकता है। दूसरी तरफ सपा विधायक अलगू चौहान ने पुल और आंदोलन के बावत पूछे जाने पर कहा कि बनकटा घाट पर पक्का पुल बनाने के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। वहा पर सर्वे का काम भी चार माह पहले किया जा चुका है। भाजपा के लोग राजनैतिक लाभ लेने के लिए जनता को गुमराह करके आंदोलन कर रहे है। विकास का कार्य सपा सरकार कर रही है। जन हित के मुददे पर सरकार किसी को आंदोलन करने का अवसर नही दे रही है।