संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। हैंसर बाजार क्षेत्र में प्रधानों और ब्लॉक कर्मियों की मनमानी चलते कई ग्राम पंचायतों में पोखरे की खोदाई का कार्य चल रहा है। बरसात के मौसम में तालाब और पोखरे की खोदाई रोक दी जाती है। यह नियम और शर्त इस वर्ष भी लागू है।
ग्राम पंचायत सियर खुर्द में रामराज के खेत के पास और ग्राम पंचायत गोपीपुर में मुंडेरा गांव के पास पोखरे की खोदाई का कार्य कराया जा रहा है। किसान जब धान की रोपाई करने का काम कर रहे हैं तो इस समय चकरोड की पटाई कार्य भी तेजी के साथ कराए जाने का प्रमाण मस्टरोल दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि चार से पांच दिन के भीतर कच्चे काम का भुगतान मनरेगा मजदूरों के खाते में कर दिया जा रहा है। इसके कारण कच्चा कार्य जोर पकड़ा है।
इस संबंध में एपीओ अनंत राव का कहना है कि बारिश के कारण पोखरे की खोदाई के कार्य पर रोक लगा दिया गया है। इसके बावजूद जो लोग मनरेगा के तहत पोखरे की खोदाई का कार्य करा रहे हैं। उनका भुगतान नहीं किया जाएगा और कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया जाएगा।