बेलहर में कथा कहते कथा वाचक धनंजय महाराज
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संतकबीरनगर। नगर पंचायत बेलहर कला में नौ दिवसीय श्री राम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य धनंजय ने शिव चरित्र का वर्णन किया। मां पार्वती के जन्म, कामदेव के भस्म होने और भगवान शिव के विवाह के लिए सहमत होने की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि राजा दक्ष प्रजापति ने भगवान शंकर का अपमान करने के लिए महायज्ञ का आयोजन किया था। जिसमें उसने भगवान शिव को छोड़कर समस्त देवताओं को आमंत्रण भेजा था। भगवान शंकर के मना करने के बाद भी सती अपने पिता के यहां जाने की इच्छा जताई तो भगवान शंकर ने बिना बुलाए जाने पर कष्ट का भागी बनने की बात कही। इसके बाद भी सती नहीं मानी और पिता के घर चली गईं। पिता द्वारा भगवान शंकर के अपमान पर सती ने हवन कुंड में कूदकर खुद को अग्नि में समर्पित कर दिया। इसके बाद भगवान शंकर के दूतों ने यज्ञ स्थल को तहस-नहस कर दिया। माता सती के अग्नि में प्रवाहित होने के बाद तीनों लोकों को भगवान शिव का कोप भाजन होना पड़ा। इस अवसर पर सेतभान राय, मंटू राय, महेश, सुनील आदि मौजूद रहे।