संतकबीरनगर। बकरियों की अच्छी नस्ल प्राप्त करने के लिए पशुपालन विभाग अब उनका कृतिम गर्भाधान कराएगा। इससे जिले में मौजूद करीब 1.60 लाख बकरियों की अगली पीढ़ी को उन्नत नस्ल में परिवर्तित किया जा सकेगा। इसके लिए दो डाॅक्टरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। दो और डॉक्टरों समेत 10 पशु मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाना है।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओम मिश्रा ने बताया कि इसी वित्तीय वर्ष में कृत्तिम गर्भाधान की व्यवस्था लागू करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बकरियों की जमुनापारी, बरबरी, सिरोही, ब्लैक बंगाल जैसी नस्लों का सिमेन मंगाकर उनसे जिले की बकरियों को गर्भ धारण करवाया जाएगा। इससे एक ओर जहां नस्ल सुधार होगा तो वहीं दूसरी ओर बाहरी नस्लों को यहां के वातावरण में ढलने और जीवित रहने का मौका मिलेगा। इसके लिए दो डाॅक्टरों को पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय मथुरा में प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि दो और डाॅक्टरों और 10 पशु मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
लाइव स्टॉक में मिलेगी छूट
बकरी पालन में नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के तहत 100 से लेकर 500 बकरियों को पालने पर प्रदेश सरकार प्रोजेक्ट कास्ट में छूट देगी। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक पशुपालकों को पशुपालन के लिए प्रेरित किया जा सके।