मेंहदावल। ब्लॉक में निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। सितंबर में होने वाली साक्षरता परीक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इस साल 2265 लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है।
अभियान के तहत अब तक केवल 916 लोगों का नामांकन कराया जा चुका है, जबकि लक्ष्य पूरा करने के लिए शेष निरक्षर लोगों की पहचान के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इससे लोग तो साक्षर होंगे ही परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को घर के आस-पास अच्छा माहौल भी मिलेगा।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि सर्वे पूरा होने के बाद नए लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से नियमित पढ़ाई कराई जाएगी, ताकि सभी को सितंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल किया जा सके। साक्षरता अभियान के अंतर्गत 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे लोगों को शामिल किया जा रहा है, जो पढ़ना-लिखना और सामान्य गणना करना नहीं जानते। परीक्षा में सफल होने वालों को नव साक्षर माना जाएगा। लक्ष्य पूरा करने के लिए ग्राम पंचायतों, नगर क्षेत्रों, विद्यालयों और स्वयंसेवकों की मदद ली जा रही है।
उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों को उल्लास एप पर 25 असाक्षरों का पंजीयन करते हुए वालंटियर को नामित करने की प्रक्रिया पर कार्यवाही करने निर्देश दिया। उन्होंने बताया ब्लॉक अंतर्गत 116 परिषदीय विद्यालयों के सापेक्ष 2265 असाक्षरों को उल्लास एप पर पंजीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विद्यालय पर लक्ष्य के सापेक्ष असाक्षरों का सर्वे उल्लास ऐप पर पंजीकरण करने और 10 असाक्षरों के सापेक्ष एक वालंटियर ऑनलाइन बनाना है।