गांव के लोगों ने कहा कि कोटेदार बीपीएल कार्ड धारकों को राशन नहीं दे रहे हैं। मिट्टी तेल की कीमत निर्धारित दर से अधिक के रेट पर दिया जा रहा है।
चीनी तो कभी-कभार ही मिलती है। बीच-बीच में राशन का वितरण भी नहीं किया जा रहा है। शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जिसकों लेकर गांव के लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को मांग पत्र दिया, जिसमें कोटे की दुकान को निलंबित कर दूसरे दुकान से संबद्ध करने की मांग किया, ताकि अंत्योदय व बीपीएल परिवारों को निर्धारित अनाज मिल सके।
प्रदर्शन करने वालों में शैलेंद्र, रामरती, सुभावती, जनार्दन, बृजमोहन, शांति देवी, दिलीप, मुसई, भागीरथी, धर्मेंद्र, रमेेश, रामजीत, रामसकल, जमुना, राम बुझारत, मिथलेश, सुभावती आदि शामिल रहे।