शाम को करीब सात बजे हारापट्टी और मनवापुर गांव की ओर से जोर-जोर से शोरगुल की आवाजें आ रही थीं। ग्रामीण टार्च की रोशनी में चोरों को खोज रहे थे।
थाने पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने शोरगुल सुनकर इंस्पेक्टर को सूचित किया। सक्रियता दिखाते हुए शमसेर बहादुर सिंह दर्जनों की संख्या में पुलिस को लेकर मौके पर पहुंच गए।
चारों तरफ तलाशी ली गई, किंतु कोई भी अंजान व्यक्ति या चोरों का गिरोह नहीं मिला। शोर सुनकर आसपास के गांवों अमरडोभा, लेडुवा-महुवा, पटोरया, ढोढया, कानापार, अहिरौली में भी ग्रामीण लाठी, डंडा लेकर सड़क व गांव में टहलते हुए देखे गए।
इसी प्रकार बूंदीपार, मेंडऱापार, पकडिय़ा, परतिया, समदा, नौरों, बेलहसा, भगवानपुर, भैंसठ, महला, घेंचुआ समेत विकास खंड के दर्जनों गांवों में चारों और डाकुओं के आ जाने की आशंका से ग्रामीण दहशत में जी रहे है। इंस्पेक्टर शमसेर बहादुर ने ग्रामीणों को समझाया कि इस प्रकार की सूचना पर शोरगुल करने के बजाए समझदारी दिखाते हुए पुलिस को सूचित करना चाहिए।
इसी तरह धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र में चोर और डकैत आने की सूचना पर ग्रामीणों के साथ पुलिस परेशान रही।