निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दिया कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि बिजली कर्मी पिछले 437 दिनों से आंदोलनरत हैं, इसके बावजूद उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा नियमित कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं के विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे ऊर्जा निगमों में तनाव और टकराव का वातावरण बन गया है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी संतोष गुप्ता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि आंदोलन के नाम पर कर्मचारियों के खिलाफ की गई सभी दमनात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियां वापस कराई जाएं और निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, नारायण चंद्र चौरसिया, सूरज प्रजापति, रंजन कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, वीरेंद्र मौर्य, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, प्रदीप कुमार, दुर्गा प्रसाद, अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।