दीपावली का पर्व सोमवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। धनतेरस पर हर घर के बाहर दक्षिण में घूर पर दीपक जलाया गया। उधर, जनपद के 597 स्थानों पर महालक्ष्मी की मूर्तियां और कलश स्थापित कर पूजन शुरू किया गया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के बाजार में दिनभर मूर्ति, प्रसाद, मिठाई, फल खरीदने वालों की भीड़ रही।
अपने घर के ऊपर झालर टांगने और बिजली सजाने वालों ने अंतिम टच दिया। अतिथियों के सत्कार के लिए व्यंजन बनने शुरू हुए तो बच्चों को पटाखे खरीदने की ललक रही। खलीलाबाद शहर के गोला बाजार में खरीदारों की भीड़ रविवार को धनतेरस से भी अधिक रही। बैंकों के एटीएम दोपहर में ही खाली चुक गए थे।
पारंपरिक रूप में सायंकाल घर के आंगन की धुलाई के बाद में रंगोली बनेगी, दीप सजेंगे और बिघ्नहर्ता गणेश, लक्ष्मी, कुबेर की पूजा होगी। व्यापारी कलम दावात के साथ बहीखाता का पूजन करेंगे। अमावस का विशिष्ट काजल पारा जाएगा, जो किसी अनहोनी से बचाएगा। व्यंजनों में सब तरह के पकवान के साथ-साथ ओल की सब्जी बनेगी।
शहर के गोला बाजार, मुखलिसपुर तिराहा, बैंक चौराहा, समय जी स्थान तिराहा आदि जगहों पर काफी भीड़ रही। हर दुकान पर खरीदार मौजूद रहे। कपड़ा, बर्तन, आभूषण, इलेक्ट्रानिक समेत अन्य दुकानों पर लोगों की भीड़ जमा रही। लोग अपने मनपसंद के सामान खरीदते रहे।
ग्रामीण क्षेत्र के धनघटा, हैंसर, पौली, मेंहदावल, सेमरियावां, बखिरा, बेलहर, सांथा, नंदौर आदि जगहों पर भी लोग खरीदारी करते देखे गए। ग्रामीण क्षेत्रों में लक्ष्मी पांडालों के पास दुकान लगाए दुकानदारों के पास लोगों को हुजुम देखा गया। बच्चे तरह-तरह के खिलौने खरीदते नजर आए।