सेमरियावां। दुधारा थाना क्षेत्र के करहीं स्वास्थ्य उपकेंद्र की एएनएम पर डीएम को हलफनामा के साथ एक व्यक्ति ने शिकायती पत्र दिया है। आरोप है कि एएनएम की लापरवाही की वजह से उसके नवजात शिशु की मौत हो गई थी। उसने धन उगाही के साथ ही शिकायत करने पर एएनएम और उसके पति द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। मामले में डीएम ने सीएमओ से जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
करही गांव के शम्स तबरेज पुत्र अली हुसैन ने डीएम को लिए शिकायती पत्र में बताया कि आठ जनवरी की सुबह उसके छोटे भाई की पत्नी साजिदा खातून को प्रसव पीड़ा हुई। उसे करही गांव के मातृत्व शिशु उप स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। एएनएम ने बताया कि अभी समय है, शाम तीन बजे आना। साजिदा को अपराह्न तीन बजे केंद्र में भर्ती कराया गया। उसके बाद एएनएम ने दवा और इंजेक्शन लगाना शुरू किया और कहती रही अभी डिलेवरी हो जाएगी। रात लगभग 11:30 बजे जब वहां पर मौजूद एएनएम प्रेमलता देवी से प्रसूता के स्वास्थ्य की जानकारी मांगी गई तो वह भड़क गईं और झल्लाते हुए कहने लगी तुम अपने मरीज को यहां से लेकर जाओ, मैं प्रसव नहीं करा पाऊंगी। तब उसने प्रसव का रेफर पेपर तथा एंबुलेंस की व्यवस्था की मांग की, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं दिया।
इस दौरान प्रसूता की हालत खराब होते देख एएनएम और उसके पति राघवेन्द्र प्रताप अपने निजी वाहन से बाघनगर बाजार स्थित एक निजी प्रसव केंद्र पर छोड़ दिया। इसकी एवज में 5500 रुपये भी लिए। बाद में वहां पर प्रसव हुआ, लेकिन बच्चे की हालत ठीक नहीं थी। जच्चा-बच्चा को लेकर बस्ती और गोरखपुर मेडिकल काॅलेज ले गए। लेकिन नवजात की मृत्यु हो गई, जबकि किसी तरह से माता को बचाया जा सका।
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सारे आरोप निराधार, जानबूझकर परेशान कर रहे : एएनएम
इस मामले में एएनएम प्रेमलता देवी का कहना है कि सारे आरोप निराधार हैं तथा उनके यहां नवजात शिशु की मृत्यु नहीं हुई है। प्रसव के लिए प्रसूता को बाघनगर स्थित अन्नू प्रसव केंद्र पर भर्ती कराया गया था तथा नवजात शिशु की मृत्यु मेडिकल काॅलेज गोरखपुर में हुई है। कुछ लोग जानबूझकर मुझे परेशान कर रहे हैं, तथा फर्जी शिकायत करते हैं।