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Sant Kabir Nagar News: तपती गर्मी में बैक्टीरिया के साथ फंगल इंफेक्शन का खतरा

Mon, 10 Jun 2024 11:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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संतकबीरनगर। तपती गर्मी में बैक्टीरिया के साथ फंगल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। परामर्श चिकित्सकों की ओपीडी में सर्दी जुकाम, बुखार, पेट दर्द, उल्टी दस्त आदि के मरीजों भीड़ दिखी तो त्वचा रोग और नाक, कान और गला के ओपीडी में रोज फंगल इंफेक्शन के 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ दिखी। दोपहर 12 बजे तक 1500 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच चुके थे।
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भीषण गर्मी के कारण जिला अस्पताल में बैक्टीरिया से पीड़ित मरीजों के साथ त्वचा रोग और नाक, कान व गला के ओपीडी में फंगल इंफेक्शन के मरीज पहुंच रहे हैं। मेडिसिन के परामर्श चिकित्सकों के पास अधिकतर मरीज सर्दी जुकाम, बुखार, पेट दर्द और उल्टी दस्त के पहुंच रहे हैं। वहीं इन दिनों फंगल इंफेक्शन का प्रकोप तेज हो गया है। त्वचा रोग के ओपीडी में सौ से अधिक मरीज फंगल इंफेक्शन के पहुंच रहे हैं। यही हाल नाक, कान व गला रोग के ओपीडी का भी है। चिकित्सकों के मुताबिक गर्मी के करण शरीर में नमी होने से फंगल इंफेक्शन होता है। इससे बचाव के लिए शरीर के साफ सफाई पर पूरा ध्यान देने की जरूरत है।

जिला अस्पताल में भीड़ से मरीजों की बढ़ी दिक्कत
सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की अधिक भीड़ रही। दोपहर 12 बजे तक जिला अस्पताल में 15 सौ से अधिक मरीज पहुंच चुके थे। रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर लेकर चिकित्सक के ओपीडी तक मरीजों की भीड़ रही। सबसे अधिक मशक्कत दवा लेने के लिए मरीजों को करनी पड़ी। दवा वितरण के केवल दो काउंटर होने के कारण लाइन में लगे मरीजों को दवा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
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गर्मी से शरीर में नमी वाले स्थानों पर फंगल इंफेक्शन से पीड़ित मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं। पसीना निकलने के कारण शरीर के कुछ स्थानों पर नमी होने से दाद, खाज, खुजली की समस्या होती है। त्वचा के फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि साबुन से बढि़या से शरीर की सफाई करें। हल्के कपड़े पहने और फंगल इंफेक्शन होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- डॉ. राजकुमार चौरसिया, त्वचा रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
गर्मी के कारण नमी से कान के अंदर का इन्वायरमेंट फंगस को बढ़ाता है। इसके कारण कान में फंगल इंफेक्शन होता है। फंगल इंफेक्शन होने पर माचिस के तीली आदि से कान को खोद देने से घाव बन जाता है। कान से पीड़ित मरीजों में अधिकतर फंगल इंफेक्शन के मरीज आ रहे हैं। जिन्हें कान से पानी आना, भारीपन, तेज दर्द होता है। इस तरह के लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
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- डॉ एमके सिंह, कान व गला रोग विशेषज्ञ
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