मगहर। संत कबीर के प्राकट्य दिवस पर निर्गुण बैंड कुशीनगर के सत्यम सम्राट ने कबीर भजन गीत सुनाया। उन्होंने कबीर के दोहे अमृत वाणी गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागों पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताया। ऐसी वाणी बोलिये मन का आपा खोय, औरन को शीतल करे आपहुं शीतल होय। बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर, पंथी को चाय नहीं फल लागे अति दूर, आदि भजन सुनाए।
इसके बाद कव्वाली की तर्ज पर भजन पेश करते हुए छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके, पर श्रोता झूमते रहे। साधो रे ये मुर्दों का गांव खूबसूरत प्रस्तुति रही। इसके बाद आज जवानी पर इतराने वाले कल तू पछताएगा, चढ़ता सूरज धीरे-धीरे ढलता है ढल जाएगा। सुनकर जिंदगी की हकीकतों से रूबरू कराया।