- रविवार की शाम सूफी लोक गायन का आयोजन हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। संत कबीर के प्राकट्य दिवस पर संतकबीर अकादमी संस्कृति विभाग के जरिये अमृत महोत्सव के तहत स्वर उत्सव ''अनहद '' का आयोजन प्रेक्षा गृह में रविवार को किया गया। इसका उद्घाटन महंत विचारदास ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
महंत विचार दास ने कहा कि कबीर साहेब के दर्शन को बढ़ाने के लिए अकादमी की स्थापना सरकार ने की है। कबीर साहेब ने कहा था कि कभी जीवन में निराश न हों, आगे बढ़ें, सफल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सूफी लोक गायन अमित अंजन कुशीनगर के कबीर के गायन से हुई, जिसके बोल थे ''है आंख ओ जो श्याम का दर्शन किया करे...मुख ओर है जो हरिनाम का सुमिरन किया करे'' से की। ''ऐसी लगी लगन, मीरा हो गयी मगन...सुनाकर श्रोताओं के मन को मोह लिया। आगे ''मैली चादर ओढ़के द्वारे कैसे आऊं, है पवन परमेश्वर मेरे....'' सुनकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके बाद उन्होंने कबीर भजन '' राम नाम रस चदरिया झीनी रे झीनी, चदरिया बीनी रे बीनी...'' सुना कर भक्तिरस में गोता लगाने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद कबीर साहेब पर विरह गीत ''पियवा गईलें चोरी तीसरे बिरह में देहिया मेटल है राम...'' सुनाया। इसके बाद ''जरा हल्के गाड़ी हांको, मेरे राम गाड़ी वाले...'' सुनाया तो श्रोता ताली बजाते रहे।
इस मौके पर आशुतोष द्विवेदी, हरिप्रसाद सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी, डाॅक्टर हरिशरण शास्त्री, सभासद अवधेश सिंह, अवर अभियंता संतोष यादव, सिबतैन मुस्तफा, गुलाम हुसैन, मुश्ताक खान उर्फ मुन्ना, खुर्शीद मास्टर, विजय प्रताप त्रिपाठी, योगेंद्र सिंह, रमेश यादव, सेराज अहमद आदि मौजूद रहे।