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Sant Kabir Nagar News: मरीजों की भीड़, सुविधाओं का अभाव, मेंहदावल सीएचसी पर बढ़ता दबाव

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सीएचसी मेहदावल प्रभारी मरीज देखते
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मेंहदावल। नगर पंचायत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मेंहदावल पर तीन विकासखंडों के मरीजों का भार है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन 400 से 500 मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं, बावजूद इसके संसाधनों की कमी व्यवस्था पर भारी पड़ रही है।
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30 शैय्या वाले इस स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के चलते व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। शाम होते ही बेलहर कला और सांथा के स्वास्थ्य केंद्र बंद हो जाते हैं, जिससे वहां के मरीज भी मेंहदावल सीएचसी का रुख करते हैं। इसके अलावा चार थानों के मेडिको-लीगल मामलों की जिम्मेदारी भी इसी केंद्र पर है। सबसे बड़ी समस्या विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है।
यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ और जनरल फिजिशियन के पद खाली हैं, जिसके कारण संबंधित मरीजों को जिला मुख्यालय या अन्य जनपदों में जाना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों को बाहर निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।
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मरीजों ने भी बयां किया अपना दर्द
साडे खुर्द निवासी अर्जुन मिश्रा ने बताया कि मारपीट में घायल होने के बाद मेडिकल के लिए लाया गया, लेकिन आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, रामकरण ने बताया कि पेट दर्द के इलाज के दौरान अल्ट्रासाउंड बाहर कराना पड़ा, जिससे अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। हालांकि अस्पताल प्रभारी ने बाहर की दवा लिखने पर रोक लगाई है, लेकिन दवाओं की कमी के कारण चिकित्सकों को मजबूरी में मरीजों को बाहर से दवा लेने की सलाह देनी पड़ रही है।
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डिलीवरी में वसूली के आरोप
सीएचसी के जच्चा-बच्चा केंद्र पर डिलीवरी के दौरान मरीजों के परिजनों से सर्जिकल धागा बाहर से मंगवाने और धन वसूली के आरोप भी सामने आए हैं। नायक टोला निवासी मनोज कुमार ने बताया कि पत्नी की डिलीवरी के दौरान उन्हें 6,000 रुपये खर्च करने पड़े। कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि नॉर्मल डिलीवरी न होने पर मरीजों को निजी नर्सिंग होम भेजा जाता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है।

सही कराया गया वाटर कूलर
सीएचसी मेंहदावल पर लगा वाटर कूलर खराब हो गया था। इसके वजह से इस भीषण गर्मी में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गर्मी के मौसम में मरीजों को राहत देते हुए अस्पताल परिसर में खराब पड़े वाटर कूलर को ठीक करा दिया गया है। जिससे अब मरीजों को ठंडा पानी उपलब्ध हो रहा है।
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वर्तमान में सर्जिकल धागा उपलब्ध नहीं है, इसलिए बाहर से मंगाना पड़ रहा है। डिलीवरी के बाद धन वसूली के आरोपों की जांच कराई जाएगी। अस्पताल में डिलीवरी और सिजेरियन पूरी तरह निशुल्क हैं और यदि कोई अवैध वसूली करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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-आरडी गौतम, प्रभारी, चिकित्साधिकारी, सीएचसी, मेंहदावल
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