सीएचसी खलीलाबाद पर अधीक्षक के कमरे में मरीजों की भीड़। संवाद
संतकबीरनगर। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी से व्यवस्था लड़खड़ा गई है। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। चिकित्सक न मिलने के चलते मरीज बैरंग लौट रहे हैं। हाल यह है कि किसी सीएचसी पर नौ चिकित्सक हैं तो किसी पर सिर्फ दो की तैनाती है। किसी सीएचसी से तीन चिकित्सक का स्थानांतरण हुआ है तो किसी से चिकित्सक पीजी करने चले गए हैं।
जिले की आबादी 22 लाख के करीब है। इनके स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए एक जिला अस्पताल, सात सीएचसी और 22 पीएचसी है। इसके साथ ही 172 जन आरोग्य मंदिर है। हालांकि जन आरोग्य मंदिरों पर नाम के ही मरीजों का इलाज होता है। सारे दारोमदार सीएचसी पर ही होता है। जहां पर चिकित्सकों के न रहने पर मरीज परेशान हैं।
स्वास्थ्य महकमा बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने का दावा तो जरूर करता है लेकिन आंकड़े कुछ और ही बता रहे हैं। कही पर चिकित्सक अधिक है तो कही पर नाम मात्र के हैं। अगर इन चिकित्सकों की तैनाती एक बराबर हुई होती तो शायद यह समस्या नहीं आती है।
सीएचसी खलीलाबाद : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद पर छह चिकित्सक तैनात थे। इसमें से डॉ. गौरव, डॉ. इम्तियाज का गैर जनपद स्थानांतरण हो गया है। जबकि एक अन्य चिकित्सक पहले ही पीजी करने