फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: बेड़ा करो पार, भूल-चूक कहा-सुना करो माफ

Sat, 06 May 2023 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
मेंहदावल। निकाय चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार भी जोड़ पकड़ने लगा है। एक तरफ जहां अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार में गायकों की टीम उतार दी है, वहीं सभासद के उम्मीदवार भी ऑटो रिक्शा से होर्डिंग लगाकर मतदाताओं के पास पहुंच रहे हैं। उनके घर मतदाताओं को रिझाने के लिए हर जतन कर रहे हैं। यह भी कहने से नहीं चूक रहे हैं कि बेड़ा करो पार, भूल-चूक कहा-सुना करो माफ।
विज्ञापन

मेंहदावल नगर पंचायत में चुनावी जोर पकड़ रहा है। सुबह से लेकर देर शाम तक मतदाताओं के बीच जनसंपर्क किया जा रहा है। रुठे लोगों को मनाने का दौर भी शुरू हो गया है। उम्मीदवार मतदाताओं के बीच जनसंपर्क कर उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं। भले ही नगर पंचायत अध्यक्ष सामान्य महिला के कोटे में है, लेकिन चुनाव लड़ रही महिला उम्मीदवार जनसंपर्क में किसी से भी पीछे नहीं है। इसके साथ ही उनके परिजन भी अपने समर्थकों के साथ प्रचार प्रसार में जुटे हैं। जो मतदाता नाराज हैं, उन्हें मनाने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ा जा रहा है। पांव पकड़ने से लेकर यह भी दुहाई देते दिख रहे हैं कि इस चुनाव में किसी तरह मत देकर बेड़ा पार करिए, जो भी गलती हुई हो, कहां-सुना भूल-चूक माफ करिए। यही नहीं, मरीजों के इलाज से लेकर दुख-दर्द तक साझा करने से उम्मीदवार व उनके समर्थक परहेज नहीं कर रहे।
बृहस्पतिवार को नगर पंचायत के बनकटा निवासी 35 वर्षीय राघवेंद्र को छुट्टा सांड में मारकर घायल कर दिया। उन्हें परिवार व गांव के लोग सीएचसी ले आए, जहां कई उम्मीदवार सूचना पाकर पहुंच गए। उम्मीदवार इस कदर मदद के लिए आतुर दिखे, कि जैसे इस मतदाता से उनका कितना गहरा संबंध है। चर्चा यह भी रही कि चुनाव न होता तो शायद इतने मददगार भी नहीं मिलते। सभासद के उम्मीदवार भी ऑटो रिक्शा पर बाकायदा झंडा होर्डिंग लगाकर माइक के साथ अपने वार्डों में प्रचार-प्रसार व जनसंपर्क में जुटे हैं। फिलहाल चुनाव 11 मई को होना है और मतगणना 13 मई को होगी, लेकिन चुनावी समर में एक-एक पल उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। जनसंपर्क अभियान में रुठों को मनाने से लेकर मतदाताओं को जोड़ने के लिए उम्मीदवार व उनके समर्थक साम-दाम दंड भेद की नीति अपना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें