सेमरियावां। परिषदीय विद्यालयों में अप्रैल के पहले सप्ताह में ही नौनिहालों के हाथों में किताब उपलब्ध कराने का शासन का दावा है। इसके बावजूद अभी तक कक्षा-एक, दो और तीन के बच्चों को किताबें नहीं मिल सकी हैं। इसके साथ ही कक्षा एक से आठ तक बच्चों को वर्क बुक भी नहीं मिला है। जिला स्तर से ब्लाॅकों को अभी तक किताबें नहीं मुहैया हो पाई हैं।
जो किताबें उपलब्ध कराई गई हैं, उसे वितरित की जा चुकी हैं। मय से किताब न मिलने से बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है। सेमरियावां ब्लाॅक में 78 प्राथमिक विद्यालय, 22 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 41 कंपोजिट विद्यालय संचालित होते हैं। इनमें कक्षा-एक से आठ तक करीब 19 हजार बच्चों ने पंजीकरण कराया है। अप्रैल का महीना शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक विद्यालय में बच्चों के पढ़ने के लिए किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।
शिक्षक पुरानी किताबों को बच्चों से जमा कराकर किसी तरह काम चला रहे हैं। कक्षा-एक में हिंदी गणित समेकित पुस्तक, कक्षा-दो में हिंदी, गिनतारा, कक्षा-तीन, चार और पांच में हिंदी, गणित, परिवेश, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू की किताब पढ़ाई जाती है, जबकि कक्षा-छह, सात और आठ में हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गणित, इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल, विज्ञान, गृह विज्ञान और स्काउट गाइड की किताबें पढ़ाई जाती हैं।
नया सत्र शुरू होने के एक माह बाद भी कक्षा-एक दो और तीन के बच्चों को अभी तक किताबें नहीं मिल सकी हैं, जबकि प्रदेश सरकार ने नवीन शिक्षा सत्र शुरू होने के पहले सप्ताह में बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने का दावा किया था। न्याय पंचायत उसराशहीद के संकुल प्रभारी मनोज कुमार और अनिल ने बताया कि कक्षा-एक, दो और तीन के बच्चों को किताबें नहीं मिल सकी हैं। पुरानी किताबों से पढ़ाई करने को बच्चे मजबूर हैं।
सरकार भरोसे अभिभावक, बच्चों की पढ़ाई बाधित
अभिभावक संतोष प्रजापति ने बताया कि हर वर्ष बच्चों को किताबें देने में देरी की जाती है। वह चाहकर भी बाजार से बच्चों के लिए किताबें नहीं खरीद सकते। अप्रैल में बच्चों की पढ़ाई शुरू हो जाती है। बिना किताबों के कैसे पढ़ाई करें। राम मोहन बताते हैं कि उनका बच्चा कक्षा तीन में है। उसे पढ़ने की काफी ललक है। किताबें न होने के कारण उसका रुझान पढ़ाई से हट रहा है। अप्रैल बीत गया है। गर्मी की छुट्टी होने में मात्र 15 दिन का समय है। यदि समय से किताबें नहीं मिलीं तो छुट्टी के दौरान बच्चों की पढ़ाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देंगे।
ब्लॉक संसाधन केंद्र से न्याय पंचायत के माध्यम से स्कूलों में किताबें भेजी गई हैं। कक्षा एक, दो और तीन में कुछ किताबें नहीं भेजी जा सकी हैं। नई किताबों के आने पर बच्चों को वितरित कर दी जाएंगी।
-आशीष कुमार सिंह, बीईओ, सेमरियावां